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8 अक्टूबर को होगा सरस्वती विसर्जन, पढ़ें 4 विशेष मंत्र एवं उपाय

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भारत के दक्षिण में केरल एवं तमिलनाडु में नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान सप्तमी तथा कई स्थानों पर अष्टमी तिथि से सरस्वती की स्थापना करके माता का आह्वान किया जाता है, जिसे व्य्पू कहते है तथा विजयादशमी के दिन इसका विसर्जन किया जाता है। नवरात्रि के आखिरी 3 दिन सरस्वती पूजन के लिए बहुत खास माने गए हैं।

इस दौरान ज्ञानवर्द्धक पुस्तकों को माता सरस्वती के साथ पूजन स्थान पर रखकर उनका पूजन किया जाता है और पूजन के बाद इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए उठा लिया जाता है, इसे पूजा एदुप्पू कहते हैं। इस वर्ष 8 अक्टूबर, मंगलवार के दिन सरस्वती विसर्जन किया जाएगा। 
 
स्कंद पुराण के अनुसार सफेद पुष्प, चंदन, श्वेत वस्त्रादि से देवी सरस्वतीजी की पूजा करना चाहिए। सरस्वती जी का पूजन करते समय सबसे पहले उनको स्नान कराना चाहिए। इसके पश्चात माता को सिन्दूर, हल्दी व अन्य श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद फूल माला चढ़ाएं।
 
देवी सरस्वती का मंत्र-
 
सफेद मिठाई से भोग लगाकर सरस्वती कवच का पाठ करें। मां सरस्वतीजी के पूजा के वक्त इस मंत्र का जाप करने से असीम पुण्य मिलता है-
 
'श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा'
 
*  मां सरस्‍वती का श्‍लोक : मां सरस्वती की आराधना करते वक्‍त इस श्‍लोक का उच्‍चारण करना चाहिए-
 
ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।।
 
वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।
रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
 
सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।
वन्दे भक्तया वन्दिता च।।
 
* 'ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।'
 
* सरस्वती का बीज मंत्र 'क्लीं' है। शास्त्रों में क्लींकारी कामरूपिण्यै यानी 'क्लीं' काम रूप में पूजनीय है।
 
नवरात्रि सभी के लिए महत्व रखती है। इन नौ पवित्र दिनों में विद्यार्थियों को माता सरस्वती की आराधना अवश्य करनी चाहिए। जो लोग सरस्वती के कठिन मंत्र का जप नहीं कर सक‍ते उनके लिए प्रस्तुत है मां सरस्वती के सरल मंत्र। नवरात्रि में इस मंत्र जप का आरंभ करने और आजीवन इस मंत्र का पाठ करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है।
 
विशेष उपाय-
 
आपका बच्चा यदि पढ़ने में कमजोर है तो आज मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा करें एवं उस पूजा में प्रयोग की गई हल्दी को एक कपड़े में बांधकर बच्चे की भुजा में बांध दें। मां सरस्वती को 'वाणी की देवी' कहा जाता है इसलिए मीडिया, एंकर, अधिवक्ता, अध्यापक व संगीत आदि के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी नवरात्रि में मां सरस्वती की पूजा जरूर करनी चाहिए। 
 
माता सरस्वती की पूजा-अर्चना आदि करने से मन शांत होता है एवं वाणी में बहुत ही अच्छा निखार आता है। यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे परीक्षा में अच्छे नंबर लाएं तो आप अपने बच्चे के कमरे में मां सरस्वती की तस्वीर अवश्य लगाएं। जो लोग बहुत ही तीखा बोलते हैं और जिस कारण से उनके बने-बनाए काम भी बिगड़ जाते हैं, उन लोगों को मां सरस्वती की पूजा अवश्य करनी चाहिए। 


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