Publish Date: Tue, 15 Feb 2022 (18:16 IST)
Updated Date: Tue, 15 Feb 2022 (18:18 IST)
13 फरवरी 2022 को सूर्य ने कुंभ राशि में प्रवेश किया जहां बृहस्पति ग्रह पहले से ही मौजूद है। 19 फरवरी को बृहस्पति ग्रह इसी राशि में अस्त हो जाएंगे जो 20 मार्च को अपनी सामान्य अवस्था में पुन: आ जाएंगे। कुंभ राशि में सूर्य और गुरु की इस गति से कुंभ राशि के जातकों के जीवन में भारी फेरबदल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आओ जानते हैं कि क्या होगा इसका इस राशि पर असर।
गुरु अस्त (Jupiter sets 2022) : कुंभ राशि में गुरु अस्त का असर शुभ नहीं मान जा रहा है। गुरु आपकी राशि के दसवें भाव में अस्त हो रहा है और दसवां भाव मकर राशि का है। मकर राशि में गुरु नीच का होकर बुरे फल देता है। दसवां भाव कर्म का भाव है ऐसे में कुंभ राशि के जातकों को कार्यस्थल पर कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। आपको गुरु के अस्त के दौरान सावधान रहने की जरूरत है।
सूर्य का गोचर (Sun enters Aquarius) : कुंभ राशि में सूर्य का गोचर प्रथम भाव में हो रहा है। प्रथम भाव सूर्य का ही भाव है। सूर्य और गुरु आपस में मित्र है। यह गोचर आपके लिए शुभ होगा। इस गौचर से नौकरी में उन्नति के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता रहेगी। सेहत का ध्यान रखना होगा।
परिणाम : यदि गुरु के कारण अशुभ है तो सूर्य के कारण शुभ है। सूर्य के नजदीक जाने से ही गुरु अस्त होता है। ऐसे में आपको सूर्य का सहयोग ज्यादा मिलेगा और गुरु के परिणाम अस्त ही माना जाएंगे। कुल मिलाकर दोनों ही ग्रहों का गोचर आपके लिए शुभ ही माना जाएगा। फिर भी आप गुरु के उपाय कर सकते हैं।
गुरु के करें ये उपाय : गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करें, चने की दाल सहित अन्य पीली वस्तुओं का दान करें और केले के पेड़ की पूजा करें। संभव हो तो गुरुवार के दिन विधि-विधान अनुसार व्रत का पालन करें।