Publish Date: Fri, 01 Nov 2019 (19:51 IST)
Updated Date: Fri, 01 Nov 2019 (19:57 IST)
अयोध्या के ही नहीं देश के सबसे संवेदनशील मुद्दे राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में खत्म हो चुकी है। अब आम से लेकर खास सभी को इंतजार है तो फैसले का। सबके मन में यही जिज्ञासा है कि आखिर फैसला क्या आएगा?
हालांकि फैसले को लेकर शासन-प्रशासन जरूर चिंतित है, जिसके चलते अयोध्या में पहले से ही निषेधाज्ञा यानी धारा 144 लगा दी गई है। इस बीच, अयोध्या में किसी भी तरह से कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए इसके लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के सदस्यों व पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में अयोध्या की शांति व्यवस्था बरकरार रखने की अपील की गई साथ ही जनपद में किसी भी अनियंत्रित स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगाया गया है, किन्तु अयोध्या के हिन्दू व मुस्लिम समुदायों में आपस का सांप्रदायिक सौहार्द बरकरार है।
जिलाधिकारी की बैठक का हिस्सा रहे भाजपा नेता विश्वप्रकाश ने बताया कि जिलाधिकारी ने सभी संगठनों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि अयोध्या की कानून व्यवस्था न बिगड़ने पाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या कि जो गंगा-जमुनी तहजीब है, उस पर आंच नहीं आ सकती, वह बरकरार रहेगी फैसला चाहे जो भी आए।
वहीं मुस्लिम समुदायों का भी यही कहना है कि अयोध्या में न कभी स्थिति खराब हुई थी और न खराब हो पाएगी। हम सभी पहले हिंदुस्तानी हैं और हिंदुस्तान की सबसे बड़ी अदालत का फैसल आने वाला है। फैसला हमारे पक्ष में आए या विरोध में हम उसे मानेंगे, लेकिन अयोध्या के अमन-चैन को नहीं बिगड़ने देंगे।