अभिनंदन ने पाकिस्तान में 'भारत माता की जय' के नारे लगाए, गोलियां चलाईं

गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019 (19:44 IST)
मोहम्मद इलियास ख़ान, पाकिस्तान से
 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को रिहा करने का आदेश दिया है। प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने यह घोषणा संसद में की। भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन जब पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के इलाक़े में गिरे तो क्या हुआ, यह सब लोग जानना चाहते हैं।
 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि विंग कमांडर को शुक्रवार को रिहा कर दिया जाएगा लेकिन ये सवाल सभी के दिमाग़ में है कि विंग कमांडर अभिनंदन आख़िर कैसे पकड़े गए?
 
इसके बारे में भिंबर ज़िले के होर्रान गांव के सरपंच मोहम्मद रज़ाक चौधरी ने बीबीसी को आंखों देखा हाल सुनाया। 58 साल के रज़ाक चौधरी इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ से भी जुड़े हैं।
 
अभिनंदन ने पूछा यह भारत है या पाक : चौधरी ने बताया कि भिंबर ज़िले में, नियंत्रण रेखा से सात किलोमीटर दूर होर्रान गांव के लोगों ने आसमान में लड़ाकू विमानों के बीच लड़ाई देखी थी। पता चला कि दो विमान हिट हुए हैं, जिनमें से एक तेज़ी से नियंत्रण रेखा के पार चला गया जबकि दूसरे में आग लग गई और वह तेज़ रफ़्तार से नीचे आने लगा।
 
गांव वालों ने विमान का मलबा गिरता देखा और पैराशूट से सुरक्षित उतरते हुए पायलट को भी देखा। यह पायलट अभिनंदन थे, उनके पास पिस्तौल थी और उन्होंने पूछा कि 'ये भारत है या पाकिस्तान।'
 
चौधरी बताते हैं कि इस पर एक होशियार पाकिस्तानी लड़के ने जवाब दिया कि ये भारत है। इसके बाद पायलट ने भारत की देशभक्ति वाले कुछ नारे लगाए, इसके जवाब में गांव के लोगों ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगाए।
 
सरपंच चौधरी ने बीबीसी को बताया कि मैंने देख लिया था कि पैराशूट पर भारत का झंडा बना था, मैं जान चुका था कि वह भारतीय पायलट है। मेरा इरादा पायलट को ज़िंदा पकड़ने का था। स्थानीय लोग उस ओर दौड़े जिधर पायलट का पैराशूट गिरा था, मैं समझ गया था कि ये लोग पायलट को नुकसान पहुंचा सकते हैं, या पायलट उनको नुकसान पहुंचा सकता था। 
 
अभिनंदन ने दस्तावेज़ नष्ट कर दिए : चौधरी ने बताया कि भारतीय पायलट ने कहा कि उनकी पीठ में चोट लगी है और उन्होंने पीने के लिए पानी मांगा। नारेबाज़ी से नाराज़ गांव के लड़कों ने हाथ में पत्थर उठा लिए। तभी मामला समझकर लड़कों को डराने के लिए पायलट ने हवा में गोलियां चलाईं। भारतीय पायलट पीछे की तरफ़ आधा किलोमीटर भागा और पिस्तौल का निशाना नौजवानों पर लगाए हुआ था। पायलट आगे और गांव के लड़के पीछे, वह पिस्तौल से नहीं डरे।
 
मौक़े पर मौजूद लोगों के मुताबिक़, भारतीय पायलट ने छोटे से तालाब में छलांग लगा दी, जेब से कुछ सामान और दस्तावेज़ निकाले। कुछ निगलने की कोशिश की, कुछ पानी में डालकर ख़राब करने की।
 
चौधरी ने बताया कि नौजवानों ने पायलट को पकड़ लिया। कुछ ने उन्हें लात-घूंसे मारे, जबकि दूसरे लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी पाकिस्तानी सेना के लोग पहुंचे और विंग कमांडर अभिनंदन को अपनी हिरासत में ले लिया और गुस्साई भीड़ को पिटाई करने से रोका।
 
हिरासत में लेने के बाद विंग कमांडर को भिंबर की सैन्य इकाई में ले जाया गया, पिटाई की वजह से उन्हें जो चोटें आई थीं उनसे ही ख़ून निकल रहा था। वैसे आसमान से गिरने के बाद उन्हें कोई चोट नहीं आई थी।
 
 

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