Publish Date: Sat, 04 Mar 2017 (11:50 IST)
Updated Date: Sat, 04 Mar 2017 (11:52 IST)
उत्तर प्रदेश में पांच चरण के मतदान पूरे हो चुके हैं। छठवें चरण के लिए चार मार्च को मतदान होंगे। चुनावी प्रचार में राजनीतिक बयानबाज़ी का स्तर कई आयामों को छूता नज़र आया।
प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियां जीत का दम भर रही हैं। एक तरफ जहां बहुजन समाज पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने का दावा कर रही है और समाजवादी पार्टी कांग्रेस गठबंधन के सहयोग से एक बार फिर सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त है। वहीं यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने इस गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा है कि यूपी को पप्पू और गप्पू की जोड़ी पसंद नहीं है।
मौर्य भी प्रदेश में बीजेपी के बहुमत की सरकार का दावा कर रहे हैं। उनका तो यहां तक दावा है कि बीजेपी इस बार 300 सीटें जीतेगी। लेकिन सवाल है कि जब बीजेपी के लिए यूपी में जीत इतनी आसान है तो फिर कैबिनेट मंत्रियों समेत पूरा अमला प्रचार अभियान में क्यों जुट गया है?
यूपी में चुनाव आयोग ने सात चरणों में चुनाव कराने का फ़ैसला किया। हर चरण में चुनावी मुद्दे बदलते गए। आख़िर इसकी वजह क्या है? इस सवाल का मौर्या कोई जवाब नहीं देते और कहते हैं कि इसका कोई कारण नहीं है।
मौर्य का आरोप है कि प्रदेश में सपा के शासन में अराजकता फैली, क़ानून व्यवस्था ध्वस्त रही और अपराधियों को संरक्षण मिला और यूपी में कांग्रेस का वजूद नहीं है। उनका मानना है कि इन तमाम कारणों की वजह से यूपी की जनता बीजेपी को वोट देगी।
बीजेपी भले ही 300 सीटों का आंकड़ा पार करने का दावा कर रही है लेकिन सरकार का नेतृतव कौन करेगा? बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ अपने अंदर सीएम की सभी ख़ूबियों का बखान कर चुके हैं लेकिन अब राजनाथ सिंह का नाम आगे बढ़ा रहे हैं। बागडोर किसके हाथ में होगी?
इस सवाल से पल्ला झाड़ते हुए मौर्य कहते हैं कि मीडिया का काम पहले से आंकलन करना है लेकिन उनका प्रयास अभी 300 से ज़्यादा सीटें जीतना है।
(बीबीसी संवाददाता वात्सलय राय से केशव प्रसाद मौर्या की बातचीत पर आधारित)