Publish Date: Thu, 16 Apr 2026 (17:34 IST)
Updated Date: Sat, 18 Apr 2026 (14:42 IST)
ओड़िसा के पुरी (Puri) में हाल ही में (खासकर 14 अप्रैल 2026, ओड़िया नववर्ष के अवसर पर) आसमान का गहरा लाल या सिंदूरी होना एक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि यह गुलाबी जैसा नजर आ रहा था।लोग इसे भक्ति और विज्ञान, दोनों नजरिए से देख रहे हैं। चलिए जानते हैं कि सच क्या है?
इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. वैज्ञानिक कारण (रेले स्कैटरिंग)
जैसा कि हमने पहले चर्चा की, सूर्यास्त के समय जब सूर्य की किरणें वायुमंडल की घनी परतों से गुजरती हैं, तो नीली रोशनी बिखर जाती है और केवल लाल रोशनी हम तक पहुँचती है।
नमी और प्रदूषण: पुरी एक तटीय शहर (Coastal City) है। हाल ही में वहाँ 'काल बैसाखी' (Kalbaisakhi) जैसे तूफान और बारिश हुई है। हवा में मौजूद नमी (Humidity), धूल के कण और बादलों की विशेष बनावट ने लाल रंग के प्रकीर्णन (Scattering) को और भी गहरा बना दिया, जिससे पूरा आसमान खूनी लाल नजर आने लगा।
2. आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
पुरी में भगवान जगन्नाथ का निवास है, इसलिए लोग इस घटना को ईश्वर की कृपा से जोड़कर देख रहे हैं:
ओड़िया नववर्ष (महा विशुब संक्रांति): यह घटना ठीक ओड़िया नववर्ष और हनुमान जयंती के अवसर पर हुई। भक्तों ने इसे भगवान हनुमान के तेज और उनकी आभा से जोड़कर देखा।
दिव्य संकेत: स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए जगन्नाथ मंदिर के ऊपर इस तरह का 'क्रिमसन स्काई' (Crimson Sky) एक आध्यात्मिक अनुभूति जैसा था, जिसे कई लोगों ने 'अलोकिक' दृश्य बताया।
3. भविष्य के संकेत:
भविष्य मालिका में विश्वास रखने वाले भक्तों का मानना है कि प्रभु जगन्नाथ संकेत दे रहे हैं कि आने वाला समय अच्छा नहीं है। इसलिए तुम सभी सच के मार्ग पर आकर त्रिसंध्या करो।
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