Bhavishya malika 2026: ओडिशा के संत अच्युतानंद दास जी द्वारा रचित 'भविष्य मालिका' को लेकर वर्ष 2025 से लेकर 2032 तक के लिए कई गंभीर और चौंकाने वाली भविष्यवाणियां की गई हैं। मालिका के अनुसार, यह कालखंड 'कलियुग' के अंत और 'सतयुग' के आगमन के बीच के संधिकाल का एक अत्यंत कठिन चरण माना जा रहा है।
मालिका में शनि मीन योग में होने वाली घटनाओं का जिक्र किया है। 29 मार्च 2025 से यह योग प्रारंभ हुआ था जो पूरे ढाई साल तक रहेगा। सभी ने देखा है कि वर्ष 2025 में क्या कुछ घटा है। इसी क्रम में आगे 2026 के लिए भविष्य मालिका के मुख्य संकेतों का संक्षिप्त सार दिया गया है।
1. तीसरे विश्वयुद्ध की आहट
मालिका के अनुसार, 2026 वह वर्ष होगा जब दुनिया एक बड़े वैश्विक संघर्ष (विश्वयुद्ध) के मुहाने पर खड़ी होगी। कई देशों के बीच आपसी तनाव चरम पर होगा। विशेष रूप से रूस, जापान और जर्मनी जैसे देशों का भारत के साथ खड़े होने का उल्लेख मिलता है। यह संघर्ष वैश्विक शक्तियों के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। भविष्य मालिका के अनुसार, तीसरे विश्व युद्ध का समय 2025 से लेकर 2027 तक रहेगा।
2. 'सुपर फ्लड्स' और प्रचंड वर्षा
भविष्य मालिका में 7 दिनों तक लगातार होने वाली मूसलाधार वर्षा का वर्णन है। यह कोई सामान्य बारिश नहीं, बल्कि "सुपर फ्लड्स" का कारण बनेगी, जिससे दुनिया भर के कई हिस्से जलमग्न हो सकते हैं। भारत और अमेरिका सहित कई देशों में भीषण बाढ़ और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी दी गई है। अमेरिका, भारत सहित कई देशों में सामान्य से अधिक ठंड़ बढ़ जाएगी। भारत के कई राज्यों जैसे दिल्ली कश्मीर में ठंड़ इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी की जन जीवन प्रभावित हो जाएगा।
3. '7 दिन और रात' का गहरा अंधेरा
एक रहस्यमयी भविष्यवाणी के अनुसार, 2026 से 2029 के बीच एक ऐसा समय आ सकता है जब पृथ्वी पर लगातार 7 दिनों और रातों तक अंधेरा छा जाएगा। मालिका के अनुसार, यह घटना किसी आकाशीय पिंड (जैसे क्षुद्रग्रह) के समुद्र में टकराने या पृथ्वी की धूरी बदलने के कारण हो सकती है। इस दौरान जंगली जानवरों के शहरों में घुस आने का भी संकेत दिया गया है।
4. स्वास्थ्य और आर्थिक संकट
महामारी: कोविड-19 से भी अधिक घातक और संक्रामक बीमारियाँ दुनिया में दस्तक दे सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव पड़ेगा।
आर्थिक पतन: युद्ध और अस्थिरता के कारण वैश्विक स्तर पर भीषण महंगाई और आर्थिक मंदी (Economic Depression) आएगी। लोगों को "अपना पैसा और अन्न बचाकर रखने" की सलाह दी गई है।
5. प्राकृतिक आपदाएँ और खगोलीय घटनाएं
दो सूर्य का आभास: आकाश में ऐसी खगोलीय स्थिति बन सकती है जिससे दो सूर्य निकलने का भ्रम होगा।
भूकंप: दुनिया के अलग-अलग कोनों में बड़े पैमाने पर भूकंप आएंगे, जो समय के साथ और अधिक तीव्र होते जाएंगे।
6. विनाश के बाद सृजन
भविष्य मालिका का मूल संदेश यह है कि ये सभी आपदाएं 'सृजन' का हिस्सा हैं। अधर्म के नाश और शुद्धिकरण के बाद ही 2032 तक 'सतयुग' की नींव रखी जाएगी। इस दौरान मानवता एक नए धर्म (सनातन धर्म) के नीचे एकजुट होगी।
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