Publish Date: Tue, 30 Nov 2021 (11:54 IST)
Updated Date: Tue, 30 Nov 2021 (11:58 IST)
कोविड को अपशब्द बोलने का एक कारण यह भी है कि इसने फिल्म 83 के इंतजार को बहुत बढ़ा दिया है। लगभग दो साल से रिलीज के लिए तैयार यह फिल्म आखिरकार इस क्रिसमस पर रिलीज होने जा रही है। फिल्म का इंतजार वो पीढ़ी भी कर रही है जिसने 1983 का विश्व कपजीतते हुए भारत को देखा है और वो पीढ़ी भी जिसने इसके किस्से सुन रखे हैं। इस फिल्म के जरिये वो लम्हों को फिर से जीने के लिए सभी बेताब हैं।
फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है और इसमें रणवीर सिंह बिलकुल कपिल देव स्टाइल में चौके-छक्के मारते नजर आए हैं। नि:संदेह वर्तमान पीढ़ी के स्टार में रणवीर सिंह की फिल्मोग्राफी में विविध प्रकार की फिल्में नजर आती हैं।
1983 में भारतीय क्रिकेट टीम अंडरडॉग थी और माना जा रहा था कि यह फिल्म केवल गिनती बढ़ाने के लिए टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। इस सोच के पीछे हमारी टीम का 1975 और 1979 के विश्वकप का प्रदर्शन था। दो विश्वकप में भारतीय टीम एक ही मैच जीत पाई थी।
कपिल देव के नेतृत्व में उतरे भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन कर दिया और वेस्ट इंडीज, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसी टीमों को धूल चटाते हुए विश्वविजेता बन कर ही दम लिया। इसके बाद भारत में क्रिकेट की तस्वीर ही बदल गई।
ट्रेलर में दिखाया गया है कि किस तरह से भारतीय टीम के साथ व्यवहार होता था। किस तरह से मैच के पहले खिलाड़ियों की हालत थी। हर खिलाड़ी के पास इस टूर्नामेंट को लेकर ढेर सारे किस्से हैं जिसमें से कई अनसुने हैं। ट्रेलर में इनकी झलक नजर आती है।
चूंकि यह एक स्पोर्ट्स फिल्म है इसलिए कलाकारों को बिलकुल खिलाड़ियों जैसा खेल दिखाने की एक्टिंग करना पड़ती है जो कि बेहद मुश्किल काम है, लेकिन ट्रेलर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्देशक कबीर खान ने खूब मेहनत करवाई है। ट्रेलर में कई बातों को समेटा गया है और उत्सुकता को और बढ़ाया गया है।
फिल्म से कबीर खान, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, पंकज त्रिपाठी सहित कई नामी लोग जुड़े हुए हैं जिससे उम्मीदों को पंख लग गए हैं। जिस तरह से ट्रेलर जोरदार बन पड़ा है उम्मीद है कि यह फिल्म भी उतनी ही शानदार होगी। यह फिल्म नहीं, बल्कि 1983 की जीत को सेलिब्रेट करने का एक मौका है।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
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