30 अगस्त को फिल्म साहो का प्रदर्शन होने जा रहा है और यह भारत की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है। इसका बजट लगभग 350 करोड़ रुपये है। इसे कई भाषाओं में रिलीज किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय यह फिल्म कर सके।
फिल्म में प्रभास लीड रोल में हैं जो 'बाहुबली' के बाद एक चिर-परिचित चेहरा बन चुके हैं। उनकी फिल्म बाहुबली ने हिंदी बेल्ट में भी शानदार सफलता अर्जित कर ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे बॉलीवुड के तमाम सुपरस्टार्स भी अब तक नहीं तोड़ पाए।
प्रभास के लिए 'साहो' की अखिल भारतीय सफलता महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद ही यह साबित हो पाएगा कि बाहुबली की सफलता हिंदी भाषी क्षेत्रों में महज इत्तेफाक नहीं थी।
यदि साहो हिंदी बेल्ट में भी शानदार कामयाबी हासिल करती है तो संभव है कि प्रभास बॉलीवुड में भी व्यस्त हो जाएं। इसके पहले कमल हासन और रजनीकांत जैसे दक्षिण भारतीय सुपरस्टार्स ने भी हिंदी फिल्मों में कदम जमाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें उत्तर भारत में वैसी सफलता नहीं मिल पाई।
इस बात में कोई शक नहीं है कि दक्षिण भारत में साहो बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करेगी। सवाल इसके हिंदी वर्जन का है। फिल्म का ट्रेलर यह बात दर्शाने में सफल रहा कि साहो बहुत महंगी फिल्म है, लेकिन दर्शकों में बहुत ज्यादा हलचल ट्रेलर ने नहीं मचाई।
फिल्म के गाने भी रिलीज हुए, लेकिन अब तक सुपरहिट नहीं हुए। फिर भी माना जा सकता है कि यह फिल्म एक अच्छी शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर लेने में सफल रहेगी।
फिल्म की एडवांस बुकिंग अच्छी हो रही है और इसके आधार पर कहा जा सकता है कि पहले दिन का हिंदी वर्जन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 20 करोड़ के ऊपर रहेगा। यदि फिल्म की रिपोर्ट अच्छी आती है और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में भी दर्शक मिलते हैं तो यह आंकड़ा 25 करोड़ के पार भी निकल सकता है।
कुछ सिनेमाघरों ने टिकट दर भी बढ़ा दी है जिससे कलेक्शन थोड़े बढ़ कर ही आएंगे। कुछ उत्साही लोगों का मानना है कि सारे वर्जन मिलाकर 'साहो' पहले दिन 50 करोड़ के आंकड़े को भी छू सकती है।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
और पढ़ें