Publish Date: Mon, 27 Apr 2020 (12:51 IST)
Updated Date: Mon, 27 Apr 2020 (12:53 IST)
आदमी जब चूकने लगता है या उसे कुछ नया नहीं सूझता तब वह अपने अतीत के काम को दोहराने की कोशिश करता है। तथाकथित 'शोमैन' सुभाष घई पिछले 25 वर्षों से कोई हिट नहीं बना पाए हैं। इस दौरान उन्होंने कई असफल और खराब फिल्में बनाई हैं।
सुभाष अब एक अदद हिट के लिए तरस रहे हैं और अपने पुराने काम को दोहराने जा रहे हैं। अपनी सुपरहिट फिल्म 'खलनायक' का वे सीक्वल बनाने जा रहे हैं साथ ही अपनी पहली फिल्म 'कालीचरण' के रीमेक को भी वे बनाएंगे। स्क्रिप्ट पर उनका काम लगभग पूरा हो चुका है।
लॉकडाउन के दौरान सुभाष काम पर लगे हुए हैं। मुंबई उनका प्रशिक्षण संस्थान है जहां पर अभिनय, निर्देशन सहित फिल्म विधा से जुड़ी चीजें सिखाई जाती हैं।
आश्चर्य की बात है वर्षों बाद भी अब तक इससे कोई चमकदार सितारा या प्रतिभावान निर्देशक सामने नहीं आया है। इसके विद्यार्थियों और टीचर्स से घई रोजाना बात करते हैं। इसके अलावा वे स्क्रिप्ट पर भी काम कर रहे हैं।
घई अब पुराने काम के जरिये वर्तमान को जीतने की कोशिश में लगे हुए हैं। उनके पास देने के लिए अब नया कुछ नहीं है।
'खलनायक' एक औसत दर्जे की मूवी है। आज के दर्शक इसे सिरे से खारिज कर दे। उस दौर में घई का नाम था। जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित और संजय दत्त का स्टारडम था। 'चोली के पीछे' जैसा घटिया गाना था इस कारण फिल्म को सफलता मिल गई।
इस सफलता के साथ ही मान लिया गया कि यह एक महान फिल्म थी। शायद इसीलिए घई इसका सीक्वल बना रहे हैं ताकि उनका सीक्वल चर्चा पा सके।
इसके साथ ही 'कालीचरण' का वे रीमेक बना रहे हैं। कालीचरण में थोड़ा दम था और एक कमर्शियल फिल्म के सारे गुण फिल्म में मौजूद हैं। लेकिन उस दौर की फिल्म को क्या वर्तमान दर्शक स्वीकार पाएंगे यह अहम सवाल है।