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क्यों हुई थी गुलशन कुमार की हत्या? राम गोपाल वर्मा ने खोला 90s बॉलीवुड का काला सच

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90s Bollywood Underworld Connection
90 के दशक का बॉलीवुड आज की तरह चमक-धमक वाला नहीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड के काले साये में लिपटा हुआ था। हाल ही में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने क्राइम राइटर एस. हुसैन जैदी के साथ बातचीत में उस दौर की कड़वी सच्चाइयों को फिर से कुरेदा है। 
 
राम गोपाल वर्मा के अनुसार, उस समय अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि बॉलीवुड पर अपना पूर्ण नियंत्रण और वर्चस्व स्थापित करना था। आरजीवी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड की कार्यशैली काफी सोची-समझी होती थी। वे किसी छोटे कलाकार को नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली लोगों को अपना निशाना बनाते थे। 
 
राम गोपाल वर्मा ने कहा, जब अंडरवर्ल्ड को अपनी ताकत दिखानी होती है, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को चुनते हैं। अंडरवर्ल्ड का एक सीधा मंत्र था: "एक को मारो, दस से उगाही करो।" खौफ पैदा करने के लिए ये गैंगस्टर्स किसी भी हद तक जा सकते थे, ताकि बाकी लोग बिना सवाल किए उनकी बात मान लें।
 
राकेश रोशन पर हमला 
साल 2000 में फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की ब्लॉकबस्टर सफलता ने रितिक रोशन को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। आरजीवी के अनुसार, इसी सफलता ने उनके पिता राकेश रोशन को मुसीबत में डाल दिया। गैंगस्टर्स एक फिल्म प्रोजेक्ट केलिए रितिक रोशन की डेट्स पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का सपोर्ट हासिल थश। 
 
आरजीवी ने दावा किया, जब राकेश रोशन ने इन मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर उन पर जानलेवा हमला हुआ। वे इस हमले में बाल-बाल बचे, लेकिन इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री की रीढ़ हिला दी थी।
 
गुलशन कुमार की हत्या
संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह गुलशन कुमार की 1997 में हुई हत्या बॉलीवुड के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आरजीवी ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि गुलशन कुमार की बढ़ती सफलता और अंडरवर्ल्ड के आगे न झुकने की उनकी जिद ही उनकी मौत का कारण बनी।
 
राम गोपाल वर्मा ने कहा, अबू सालेम जैसे गैंगस्टर्स अपनी साख बनाने की होड़ में थे। गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांगों को ठुकरा दिया था, जिसे गैंगस्टर्स ने अपनी बेइज्जती समझा। आरजीवी ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें यह खबर मिली, तो पूरी इंडस्ट्री सुन्न हो गई थी।
 
राम गोपाल वर्मा, जिन्होंने 'सत्या', 'कंपनी' और 'डी' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में बनाई हैं, स्वीकार करते हैं कि उनकी फिल्मों की कई कहानियां और किरदार इन्हीं वास्तविक अनुभवों और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों से प्रेरित थे।

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