Publish Date: Tue, 29 Apr 2025 (15:43 IST)
Updated Date: Tue, 29 Apr 2025 (15:48 IST)
श्रुति हासन जो अभिनय की फील्ड में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं, हाल ही में Filmfare के यूट्यूब शो In The Ring With Filmfare में नजर आईं। इस शो में उन्होंने संपादक जितेश पिल्लई से दिल खोलकर बातचीत की, जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा किया।
'अनलकी' टैग से लेकर करियर के शुरुआती रिजेक्शन तक
श्रुति ने बताया कि जब उन्होंने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत की, तो उन्हें 'अपशगुनी' माना गया। उन्होंने कहा, “मेरी पहली दो फिल्में नहीं चलीं और उसमें एक ही हीरो था, लेकिन लोगों ने बस ये मान लिया कि हमें ये लड़की नहीं चाहिए।"
पारिवारिक संघर्ष और 'प्रिविलेज' की असलियत
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बचपन में विशेषाधिकार प्राप्त हुए, तो उन्होंने साफ कहा, “नहीं। मेरे माता-पिता का अलगाव, चेन्नई से मुंबई तक का सफर और आर्थिक चुनौतियों ने मुझे जल्दी ही ज़मीन पर ला दिया। हम किसी महल में नहीं रहते थे।”
रिश्ते जो सबक बन गए
श्रुति ने स्वीकार किया कि वह रिश्तों में बहुत जल्दी जुड़ जाती हैं और पूरी तरह समर्पित हो जाती हैं। "मैं हर बार दिल से कोशिश करती हूं। लोग पूछते हैं 'अब कौन सा बॉयफ्रेंड?'... उनके लिए नंबर है, मेरे लिए फेलियर।"
कमल हासन से मिली सीख और दबाव
उन्होंने अपने पिता कमल हासन के बारे में कहा, "उन्होंने मुझे कभी अपनी फिल्मों से डरने नहीं दिया, लेकिन उनके साथ काम करना एक बेटी के तौर पर और भी चुनौतीपूर्ण होता है। उनकी एक बात हमेशा याद रहती है – 'No pain, no gain'।"
मानसिक स्वास्थ्य पर ईमानदारी से बात
श्रुति ने बताया कि उन्हें anxiety disorder है और उन्होंने दवाइयों की जगह talk therapy का सहारा लिया। "मैंने खुद की healing toolkit बनाई है। मैं अपनी पैनिक अटैक्स को खुद ही हैंडल करना पसंद करती हूं।"
रजनीकांत के साथ काम करने का अनुभव
श्रुति ने बताया कि रजनीकांत के साथ काम करना अद्भुत था। "वो बहुत सहज, शालीन और शार्प इंसान हैं। उन्हें समझ पाना मुश्किल है। शायद यही उनकी खासियत है।"
श्रीदेवी को याद करते हुए
उन्होंने श्रीदेवी के बारे में कहा, "उनमें बचपन वाली मासूमियत थी जो आखिर तक बनी रही। सेट पर वो रानी जैसी थीं, शांत लेकिन ताकतवर।"
हॉलीवुड का अनुभव: The Eye में डेब्यू
अपने हॉलीवुड डेब्यू The Eye के बारे में श्रुति ने कहा कि वहां का अनुभव अलग था। "वो एक women-led टीम थी और असली sisterhood वहीं महसूस हुआ। महिला डायरेक्टर के साथ काम करना और चुनौतीपूर्ण था।"
श्रुति हासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह सिर्फ एक स्टारकिड नहीं हैं, बल्कि अपने जीवन की हर लड़ाई खुद लड़ने वाली कलाकार हैं। उनकी ईमानदारी, आत्मस्वीकृति और लगातार बेहतर बनने की जिद उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाती है।
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