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कॉम्पिटिशन एग्जाम कोचिंग में करियर

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डॉ. संदीप भट्ट

यह दौर जबरदस्त किस्म के कॉम्पिटिशन का है। हर तरफ बहुत से कॉम्पिटिटर तरह-तरह की तैयारियां करते हुए दिखते हैं। आजकल के दिनों में बच्चों से लेकर नौजवानों को अपने करियर के लिए हर दिन कड़ी मेहनत करनी होती है। अपने आसपास अगर हम सरसरी तौर पर नजर दौड़ाएंगें तो हमे साफ-साफ दिखेगा कि स्कूल एज्युकेशन से लेकर अच्छे कॉलेज मिलने तक के लिए हर तरफ प्रतियोगिताओं का स्तर भी साल दर साल बढ़ता जा रहा है।
 
आज की हकीकत है कि स्कूल में ही बच्चों का कॉम्पिटिशन शुरू हो जाता है। कालेज तक आते-आते प्रतिस्पर्द्धा और बढ़ जाती है। हालांकि इन दिनों करियर के खूब नए विकल्प भी खुल रहे हैं लेकिन किसी एक युवा के लिए अपनी पसंद के बिल्कुल सही करियर का चयन करना और उसकी दिशा में आगे बढ़ने का काम बहुत ही चुनौतीभरा है। ऐसे में किसी करियर कोच या मेंटर की सलाह बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। करियर कोच किसी स्टूडेंट के भीतर की क्षमताओं, उसकी स्किल्स आदि को सही ढंग से पहचान सकता है।
 
 
अगर हम जॉब या करियर के लिए जरूरी किसी स्किल में कमजोर हैं या किसी शॉर्टटर्म कोर्स करने से हमारे लिए संभावनाएं बढ़ सकती हैं तो करियर कोच हमें इस दिशा में कुछ टिप्स देकर आगे बढ़ने में मदद करते हैं। करियर कोचिंग एक बहुत ही महत्वपूर्ण फील्ड है। हाल के दिनों में कोचिंग का क्षेत्र बहुत बढ़ा है। एक करियर कोच स्टूडेंट्स या किसी प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले कैंडिडेट का मूल्यांकन करते हैं। वे उनकी रूचियों एवं क्षमताओं आदि का सही आंकलन कर उन्हें बेहतर करियर की दिशा में आगे बढ़ने के लिए गाइड करता है। 
 
आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल दुनिया में अनेक करियर कोच करोड़ों युवाओं को मेंटर कर रहे हैं। स्टेफनी हीथ, कायॅली इलियट, अवध ओझा सर, खान सर, विकास दिव्यकीर्ति इन दिनों इंटरनेट की दुनिया में छाए हुए हैं। ये सभी लोग करियर कोच हैं। ये कोच ऑफलाइन-ऑनलाइन अलग-अलग जॉब्स के लिए प्रतियोगी युवाओं को तैयार करते हैं। कई नाम इस लिस्ट में जुड़ सकते है। ये सभी करियर कोच ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग करवाते हैं। पुलिस की कॉंस्टेबल की भर्ती हो या सेना में करियर तलाशने की तैयारी, एसएससीए, बैंकिंग, रेलवे, यूपीएससी से लेकर स्टेट पब्लिक कमिशन सर्विसेज की तैयारी ये कोच करवाते हैं।
 
* दुनियाभर में कोचिंग एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है।
 
* करियर कोचिंग एक बहुत पुराना सेक्टर है।
 
* हर बेहतरीन और सक्सेसफुल प्रोफेश्नल व्यक्ति की सफलता में उसके कोच और मेंटर का रोल बहुत महत्वपूर्ण होता है।
 
* करियर काउंसिलिंग के क्षेत्र में रूचि रखने वाले लोगों के लिए कॉम्पिटिशन कोच बनना बहुत फायदेमंद।

 
* कॉम्पिटिशन के बढ़ने के साथ ही कोचिंग बिजनेस भी बढ़ता रहेगा।
 
कोचिंग या मेंटरिंग आज कोई नया फील्ड नहीं है लेकिन एक कोच बनकर दूसरों के करियर को संवारने का काम खुद ही एक बहुत शानदार करियर ऑप्शन बनकर उभरा है। तमाम छोटे-बड़े शहरों से लेकर गांव और कस्बों तक कई कोच नौजवानों के लिए करियर मेंटरिंग कर रहे हैं। वे किसी भी दूसरे करियर या जॉब में मिलने वाली सैलरी से कई गुना ज्यादा कमा भी रहे हैं। यही कारण है कि आज कोचिंग के सेक्टर में अधिक से अधिक लोग आ रहे हैं। कॉम्पिटिशन कोच बनना एक बहुत ही अच्छा करियर फील्ड बन गया है।
 
 
तो आइए देखते हैं कि कैसे हम एक बेहतर कॉम्पिटिशन कोच बन सकते हैं-
 
कोच की जरूरी क्वालिटीज- 
 
एक कोच कॉम्पिटिशन की तैयारी करने वाले दूसरे लोगों को मेंटर करता है। वह प्रतिभागियों की क्षमाताओं का आंकलन करता है। इसलिए उसके भीतर जबरदस्त विश्लेषण करने की क्वालिटी होनी चाहिए। चूंकि लोग उसके पास अपने करियर की समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं, इसलिए उसे हाजिर जवाब होना चाहिए। उसे गाइडेंस की क्वालिटीज पर खास ध्याना देना चाहिए। 

एक कॉम्पिटिशन कोच की सबसे बड़ी खासियत होती है कि उसकी पर्सनैलिटी मल्टिडायमेंशनल यानी बहुमुखी होनी चाहिए। कोच को सेल्फ गाइडेड होना चाहिए। अच्छा कोच वही है जो सेल्फ मोटिवेट हो सके। उसे करियर के अधिकतम फील्ड्स के बारे में हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही दुनियाभर में जॉब मार्केट में आ रहे बदलावों के प्रति उसे सजग रहना चाहिए।

 
कब करें तैयारी- 
 
अगर आप कॉम्पिटिशन कोच बनना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि एक बेहतर कोच बनने के लिए हाइली क्वालिफाइड होना बहुत ही जरूरी है। लेकिन ग्रेजुएशन के बाद आप कोचिंग का काम शरू कर सकते हैं। आपको यह तय करना पड़ेगा कि आप किन-किन फील्ड्स की कोचिंग कर सकते हैं। अगर आप विज्ञान विषयों के बैकग्राउंड से आते हैं तो आप मेडिकल, इंजीनियरिंग, डिजाइनिंग, आर्किटेक्चर, पैरामेडिकल, नर्सिंग आदि प्रोफेशनल कोर्सेज में एडमिशन के लिए कोच कर सकते हैं। 
 
इसके साथ ही आप आर्म्ड फोर्सेज, पैरामिलिट्री, रेलवे जैसे विभागों के जॉब्स के लिए भी कोचिंग कर सकते हैं। अगर आप सोशल साइंस या ह्यूमैनिटीज के विषयों में ग्रेज्युएट हैं तो आप एसएससी से लेकर यूपीएससी तक की कोचिंग करा सकते हैं। 

अगर आप ऐसी किसी प्रतिष्ठित एक्जाम को क्वालिफाई कर चुके हैं तो आपकी लोकप्रियता और भी बढ़ सकती है। तो अगर आप कॉम्पिटिशन कोच बनना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन या पीजी के बाद यह काम शुरू कर सकते हैं। याद रखें कोचिंग, मेंटरिंग में अनुभव बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ेगा आपके लिए कई तरह के नए आप्शंस भी खुलते रहेंगे।
 
 
स्कूल लेवल कॉम्पिटिशन कोचिंग- 
 
आज कल के वक्त में अच्छे स्कूल में एडमिशन के लिए भी टेस्ट क्वालिफाई करने पड़ते हैं। इसलिए स्कूली लेवल से ही कॉम्पिटिशन फाइट करने का चलन बढ़ गया है। सैनिक स्कूल, विविध राज्य सरकारों के रेसिडेंशियल स्कूल्स, नवोदय स्कूल्स के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों की र्स्पोर्टस अकादमियों में पांचवी कक्षा में ही एडमिशन टेस्ट होते हैं। 

इस तरह अगर हम देखें तो बच्चों को प्राइमरी लेवल पर भी अच्छे कॉम्पिटिशन कोच की आवश्यकता है। स्कूलों में भी करियर कोच की आवश्यकता बढ़ रही है। टॉप स्कूल अपने यहां फुल टाइम कॉम्पिटिशंस कोच रखते हैं। तो अगर आप स्कूल लेवल के कॉम्पिटिशन कोच बनना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत अवसर हैं। 
 
याद रखिए कि अभी हमारे यहां केवल 10वीं या 12वीं के बाद स्कूली बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए ही ज्यादातर तैयार करने का चलन है। यह भी केवल कस्बों और बड़े शहरों तक ही सीमित है। लेकिन इससे छोटी कक्षाओं के बच्चों को भी करियर और कॉम्पिटिशन की कोचिंग की आवश्यकता है। इसका अपना बड़ा बाजार है। इसलिए आप स्कूली लेवल के कॉम्पिटिशंस के कोच बनकर इसमें स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं। यह एक ऐसा सेक्टर है जहां अभी बहुत कम काम हुआ है इसलिए इसमें संभावनाएं भी बहुत हैं।

 
कॉलेज लेवल कॉम्पिटिशन कोचिंग-
 
आज के वक्त में हर युवा के पास एक सवाल जरूर होता है कि आखिर कॉलेज की स्टडी पूरी करने के बाद क्या किया जाए। दरअसल हर युवा या हर कोई चाहता है कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के तत्काल बाद उसे कोई न कोई अच्छी जॉब मिल जाए। लेकिन अच्छी जॉब मिलना बहुत मुश्किल है। 

इसके लिए न सिर्फ अच्छी एजुकेशन होना जरूरी है बल्कि कई तरह के प्रोफेशनल कोर्सेज या सर्टिफिकेशन की भी आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में एक अच्छा कोच या मेंटर ही आपको बता सकता है कि कॉलेज पूरा करने के बाद तत्काल आपको किस तरह के करियर या प्रोफेश्नल कोर्स करने की आवश्यकता है।
 
 
दरअसल कॉलेज लेवल पर आकर कई तरह के कॉम्पिटिशन होते हैं। यहां किसी स्पेशलाइजेशन के कोर्स करवाने वाले संस्थानों में एडमिशन से लेकर नौकरियों के कोचिंग की आवश्यकता होती है। तो एक कॉम्पिटिशन कोच के बतौर आप कॉलेज लेवल कॉम्पिटिशन के कोच भी बन सकते हैं। 

हमारे देश में 1000 से भी ज्यादा यूनिवर्सिटीज हैं और हजारों की तादाद में कॉलेजेस हैं जिनसे हर साल लाखों स्टूडेंट पास आउट होते हैं। हर पास आउट स्टूडेंट एक बेहतरीन करियर की तलाश में रहता है। ऐसे में अगर आप कॉलेज लेवल के कॉम्पिटिशन्स के कोच बनते हैं तो आपके लिए यह सेक्टर अनंत संभावनाओं से भरा हुआ है।

 
सरकारी नौकरियों के लिए- 
 
जॉब मार्केट और करियर के लिहाज से देखें तो हमारा देश बहुत संभावनाओं से भरा हुआ देश है। यहां सरकारी फील्ड में लाखों जॉब हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर सभी विभागों में लाखों जॉब्स मौजूद हैं। लेकिन इसके लिए कॉम्पिटिशन भी बहुत कड़ा है। 

अलग-अलग सरकारी विभागों में विशेषज्ञता वाले जॉब भी बहुत बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं जिसके लिए एक करियर कोच भी आपको बेहतर ढंग से बता सकता है। खास बात यह है कि देश में सरकारी नौकरियां आज भी हर आम आदमी की पहली च्वाइस हैं।
 
 
* देश में अभी सरकारी सेवाओं का लोगों में जबरदस्त क्रेज।
 
* देश में विशाल सरकारी तंत्र में अधिकारी कर्मचारी लेवल की अनगिनत नौकरियों की संभावनाएं।
 
सैन्य सेवाओं के लिए कोचिंग-
 
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी फौज है। लाखों लोग सैन्य सेवाओं में काम करते हैं। जोश और जुनून वाले लोगों के लिए आर्म्ड फोर्सेस एक शानदार करियर होता है। तो अगर आप सैन्य सेवाओं का कोच बनना चाहते हैं तो आपको सेना के कामकाज, रेजिमेंट, कोर, भर्ती आदि की जानकारियां होनी चाहिए। 

सेना में कमिशंड ऑफिसर्स और नॉन कमिशंड ऑफिसर्स की भर्तियां किस तरह होती हैं। इसके लिए एक कैंडिडेट में क्या फिजिकल और एजुकेशनल क्वालिटीज होनी चाहिए, आपको पता होना चाहिए।
 
 
* देश में युवाओं के बीच आर्म्ड फोर्स में करियर को लेकर खासा क्रेज।
 
* एडवेंचर को पसंद करने वाले और देशभक्ति के जुनून वाले युवाओं में सेना का क्रेज।
 
फॉरेन फैलोशिप के लिए कोचिंग-
 
हमारे देश में फॉरेन से एजुकेशन लेने का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेने के लिए लाखों स्टूडेंट्स आवेदन करते हैं। यही नहीं विदेशी युवा भी हमारे देश में आकर डिग्री या कोई प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं। ऐसे में फॉरेन फैलोशिप्स और एजुकेशन की कोचिंग भी एक बहुत शानदार फील्ड है।

 
* फॉरेन यूनिवर्सिटी का क्रेज स्टूडेंट्स में लगातार बढ़ रहा है।
 
* फॉरेन डिग्री की वैल्यू कॉर्पोरेट सेक्टर में अधिक है।
 
* फॉरेन की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रैजुएट और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए फैलोशिप्स देती हैं।
 
इस तरह अगर हम देखते हैं तो कॉम्पिटिशन कोचिंग में भी बहुत से सब-फील्ड्स दिखते हैं। आज हर तरफ कॉम्पिटिशन का दौर है। हर किसी को सक्सेस चाहिए। ऐसे में कॉम्पिटिशन कोच की डिमांड बहुत बढ़ गई है। आने वाले वक्त में कॉम्पिटिशन कोच की मांग लगातार और बढ़ेगी। 

अगर आप कोच बनते हैं तो अपनी रूचि के अनुसार स्पेशलाइजेशन जरूर चुन लें। ऐसा करने से आपकी क्रेडिबिलिटी (भरोसा) बढ़ेगी और किसी भी बिजनेस में विश्वसनीयता बहुत मायने रखती है। खासकर जब आपका काम सलाह देना हो तो आपकी ब्रांड क्रेडिबिलिटी बहुत अच्छी होना जरूरी है। तो अगर आप करियर और कॉम्पिटिशन कोचिंग में खुद का भविष्य संवारना चाहते हैं तो एक शानदार फील्ड में आपका स्वागत है। 

(इस लेख में व्यक्त विचार/विश्लेषण लेखक के निजी हैं। 'वेबदुनिया' इसकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती है।)

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