भारत में एक दिन में COVID-19 के सर्वाधिक 22771 मामले, संक्रमितों की संख्या करीब साढ़े 6 लाख हुई

शनिवार, 4 जुलाई 2020 (22:51 IST)
नई दिल्ली। देश में शनिवार को एक दिन में कोविड-19 के सबसे अधिक 22771 मामले सामने आने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या करीब साढ़े 6 लाख हो गई है। वहीं लोगों के कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण से मुक्त होने की दर में भी सुधार हुआ है और वह 60.81 प्रतिशत हो गई है। सरकार का कहना है कि जांच करो, पता लगाओ और इलाज करो की नीति के तहत उठाए गए कदमों ने कोविड-19 के जांच में आने वाली कई बाधाओं को दूर कर दिया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में रोजाना बड़ी संख्या में नमूनों की जांच हो रही है। पिछले 24 घंटे में 2,42,383 नमूनों की जांच हुई इै, वहीं कोरोनावायरस महामारी के इस दौर में देश में अभी तक करीब 10 लाख (95,40,132) नमूनों की जांच की गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक 6,48,315 लोगों के कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिसमें से संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या 3,94,226 है और एक मरीज देश छोड़कर चला गया है। देश में अब भी 2,35,433 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है। वहीं पिछले 24 घंटे में संक्रमण से 442 और लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 18,655 हो गई है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, अभी तक करीब 60.81 प्रतिशत मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। संक्रमित लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। लगातार दूसरा दिन है जब कोरोनावायरस संक्रमण के 20,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक जून से लेकर अब तक कोविड-19 के कुल मामले 4,57,780 बढ़ गए हैं।

इस बीच विशेषज्ञों ने कोविड-19 का टीका विकसित करने में जल्दबाजी से बचने की आज सलाह दी। दरअसल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने आज कहा कि वह 15 अगस्त तक इस बीमारी का टीका विकसित करने पर विचार कर रहा है।

संस्थान ने यह भी कहा कि दुनियाभर में इस तरह के विकसित किए जा रहे सभी अन्य टीकों पर भी काम तेज कर दिया गया है। आईसीएमआर ने कहा कि भारत के औषधि महानियंत्रक ने क्लीनिकल परीक्षणों से पूर्व के अध्ययनों से उपलब्ध आंकड़ों की गहन पड़ताल पर आधारित ‘कोवेक्सिन’ के मानव परीक्षण के चरण 1 और 2 के लिए मंजूरी दी है।

आईसीएमआर ने कहा कि उसके महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव का, क्लीनिकल परीक्षण स्थलों के प्रमुख अन्वेषकों को लिखे पत्र का आशय किसी भी आवश्यक प्रक्रिया को छोड़े बिना अनावश्यक लाल फीताशाही को कम करना तथा प्रतिभागियों की भर्ती बढ़ाना है।

भार्गव ने दो जुलाई को चयनित चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों के प्रमुख अन्वेषकों को भारत बायोटेक के साथ साझेदारी में विकसित किए जा रहे टीके ‘कोवेक्सिन’ के लिए मनुष्य के ऊपर परीक्षण की मंजूरी जल्द से जल्द देने को कहा है।

आईसीएमआर ने कहा कि नए स्वदेश निर्मित जांच किट को त्वरित मंजूरी देने या कोविड-19 की प्रभावशाली दवाओं को भारतीय बाजार में उतारने में लाल फीताशाही को रोड़ा नहीं बनने देने के लिए स्वदेशी टीका बनाने की प्रक्रिया को भी, फाइलें धीरे-धीरे बढ़ने के चलन से अलग रखा गया है।

आईसीएमआर ने एक बयान में कहा, इन चरणों को जल्द से जल्द पूरा करने का मकसद है कि बिना देरी के जनसंख्या आधारित परीक्षण किए जा सकें। बयान में कहा गया कि व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य हित में आईसीएमआर के लिए एक प्रभावशाली स्वदेशी टीके के नैदानिक परीक्षण को तेज गति प्रदान करना महत्वपूर्ण है।

उसने कहा, आईसीएमआर की प्रक्रिया पूरी तरह महामारी के लिए टीका बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के वैश्विक रूप से स्वीकार्य नियमों के अनुरूप है जिसमें मनुष्य और पशुओं पर परीक्षण समानांतर रूप से चल सकता है।

कोरोनावायरस के संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटों में जिन 442 लोगों की मौत हुई है, उनमें से 198 लोगों की महाराष्ट्र में मौत हुई है। इसके बाद तमिलनाडु में 64, दिल्ली में 59, कर्नाटक में 21, गुजरात और पश्चिम बंगाल में 18-18, उत्तर प्रदेश में 14, राजस्थान में 10, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आठ-आठ, पंजाब में पांच, हरियाणा, मध्य प्रदेश और जम्मू कश्मीर में चार-चार, बिहार में तीन, असम और ओडिशा में दो-दो लोगों की मौत हुई है।

अब तक हुई कुल 18,655 मौतों में से सबसे अधिक 8,376 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है। इसके बाद दिल्ली में 2,923, गुजरात में 1,904, तमिलनाडु में 1,385, उत्तर प्रदेश में 749, पश्चिम बंगाल में 717, मध्य प्रदेश में 593, राजस्थान में 440 और कर्नाटक में 293 लोगों की मौत हुई है। तेलंगाना में कोविड-19 से मरने वालों की तादाद 283, हरियाणा में 255, आंध्र प्रदेश में 206, पंजाब में 157, जम्मू-कश्मीर में 119, बिहार में 80, उत्तराखंड में 42, ओडिशा में 29 और केरल में 25 हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, झारखंड में 15, छत्तीसगढ़ और असम में 14-14, पुडुचेरी में 12, हिमाचल प्रदेश में 10, चंडीगढ़ में छह, गोवा में चार और मेघालय, त्रिपुरा, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से ज्यादा मौत अन्य गंभीर बीमारियों के चलते हुई हैं।(भाषा)

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