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Indore Corona update : अक्टूबर की शुरुआत में Corona की भयावह स्थिति, 7 दिनों में रोजाना आ रहे हैं 400 से ज्यादा मामले

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2020 (01:26 IST)
इंदौर। इंदौर (Indore news)  जिले में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर बरकरार है। अक्टूबर में नए संक्रमित मरीजों में लगातार उछाल आ रहा है। बाजारों के खुलने के साथ ही लोगों की लापरवाही दिखाई दे रही है। इंदौर में अक्टूबर के 6 दिनों में 2,814 पॉजीटिव मामले सामने आए और 36 की मौत हुई है। शहर में भीड़भाड़ वाले इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ रही हैं।
 
इंदौर के लोगों की लापरवाही देख लगता है कि उनमें कोरोना का खौफ खत्म हो गया है। शहर के साथ गांवों में बढ़ते मामलों ने चिंता को और बढ़ा दिया है। पानदा गांव में कोरोना का विस्फोट हो गया। यहां 10 नए मामले सामने आए। 
 
467 नए कोरोना मरीज सामने आए : बुधवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार 467 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए। आने वाले दिनों में संक्रमितों का आंकड़ा जल्दी ही 28 हजार के पार चला जाएगा। 7 नई मौतों के बाद कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या 615 पर पहुंच गई है।  
 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रवीण जड़िया के अनुसार शहर में 2255 कोरोना टेस्ट की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है, जिसमें 1772 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि 467 लोगों की ‍रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब इंदौर में कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 27 हजार 758 हो गई है।
 
डॉ. जड़िया ने बताया कि बुधवार को 2047 सैंपल स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुए हैं। अभी तक 3 लाख 24 हजार 387 कोरोना सैंपलों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर तक प्राप्त रैपिड एंटीजन सैंपल की संख्या 69395 है।

बुधवार को शहर के विभिन्न अस्पतालों से 210 और मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया। अब तक 22742 कोरोना मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में 4401 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार चल रहा है।
 
बाबा रामदेव की दवाओं को मंजूरी : राज्य सरकार ने राज्य सरकार ने बाबा रामदेव के पतंजलि समूह को इंदौर में कोविड मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने वाली दवाओं के अनुसंधान की मंजूरी दे दी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जड़िया ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में मरीजों को आयुष पद्धति के चिकित्सक की निगरानी में ये दवाएं दी जाएंगी। पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट इन दवाओं के प्रभावों का अध्ययन करेगा। ये रिसर्च किस सेंटर पर होगा, अभी ये तय नहीं है।

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