Publish Date: Tue, 28 Apr 2020 (12:51 IST)
Updated Date: Tue, 28 Apr 2020 (21:55 IST)
इंदौर। कोरोना वायरस (Corona Virus) का फिलहाल न तो कोई वैक्सीन है और न ही कोई रामबाण इलाज है। इससे बचाव के उपाय जरूर किए जा सकते हैं। मध्यप्रदेश के आयुष विभाग ने त्रिकटु चूर्ण तैयार किया है, जो कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने के साथ ही शरीर को अन्य फायदे भी पहुंचाता है।
कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार इसे निशुल्क वितरित कर रही है। इसके अतिरिक्त यदि आप भी चाहें तो इसे आसानी से घर पर भी तैयार कर सकते हैं।
कैसे बनाएं : शासकीय स्वशासी अष्टांग आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि यह चूर्ण सौंठ (सूखा अदरक), काली मिर्च और पिप्पली (लैंडी पीपल) से बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि तीनों को समान भाग में लेकर बारीक कूट लें और कपड़े से छान लें।
इस चूर्ण को पानी के साथ भी उपयोग में लिया जा सकता है साथ ही तुलसी के पत्तों के साथ काढ़ा भी तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में 2 से 4 ग्राम चूर्ण का उपयोग किया जा सकता है। चूंकि इसकी तासीर गर्म होती है अत: गर्मियों में 1 से 2 ग्राम रोज ले सकते हैं। चाय में डालकर भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
काढ़ा बनाने की विधि : एक छोटा चम्मच त्रिकटु चूर्ण, 3 से 5 तुलसी की पत्तियां, छह कप पानी में डालकर उबालें, आधा रहने पर 3-4 बार घूंट-घूंट कर पियें। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
लाभ : डॉ. शर्मा ने बताया कि इस चूर्ण के उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही श्वसन तंत्र से जुड़े रोग, अस्थमा, खांसी, सर्दी, जुकाम, नाक से पानी आना, भूख न लगना, सांस लेने में तकलीफ, स्वर भंग (गला बैठना) आदि रोगों में लाभ होता है।
इन्हें हो सकता है नुकसान : डॉ. धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि गर्म तासीर वाले लोग, नाक में खून आना (नकसीर) उच्च रक्तचाप, पाइल्स, पेप्टिक अल्सर, अत्यधिक पसीना आना इत्यादि समस्याएं हैं तो इस चूर्ण या काढ़े का सेवन करने से बचें।
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वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान....
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