Publish Date: Fri, 11 Dec 2020 (14:16 IST)
Updated Date: Fri, 11 Dec 2020 (14:24 IST)
मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए विकसित किए जा रहे एक टीके का क्लिनिकल ट्रायल बंद कर दिया गया है। परीक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागी जांच में एचआईवी संक्रमित दिख रहे थे जबकि वे वास्तव में इससे संक्रमित नहीं थे। ट्रायल बंद होने से ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है। टीके की 5.1 करोड़ खुराक खरीदने के लिए देश ने जिन चार टीका निर्माताओं से करार किया है। यह कंपनी भी उनमें से एक थी।
क्वींसलैंड विश्वविद्यालय और बायोटेक कंपनी सीएसएल द्वारा विकास किए जा रहे कोविड-19 टीके का काम बंद कर दिया गया है। सीएसएल ने ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजार को एक बयान में इस बारे में बताया और कहा कि वह क्लिनिकल ट्रायल रोक देगी।
सीएसएल ने एक बयान में कहा कि परीक्षण में भाग लेने वाले 216 प्रतिभागियों में कोई गंभीर प्रतिकूल असर देखने को नहीं मिला और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए टीका में बेहतर उपाए किए गए थे। हालांकि, परीक्षण के परिणाम से पता चला कि टीका से बनी एंटीबॉडी के कारण प्रतिभागियों में एचआईवी संक्रमण के त्रुटिपूर्ण नतीजे आने लगे।
सीएसएल ने कहा कि अगर राष्ट्र स्तर पर टीका का इस्तेमाल होता तो समुदाय के बीच एचआईवी संक्रमण के त्रुटिपूर्ण परिणाम के कारण ऑस्ट्रेलिया के लोकस्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर पड़ता। जुलाई से ही इस टीका का परीक्षण किया जा रहा था।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि परीक्षण को रोका जाना दिखाता है कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार और अनुसंधानकर्ता बहुत सावधानी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'आज जो हुआ उससे सरकार को हैरानी नहीं हुई। हम बिना किसी जल्दबाजी के संभलकर चलना चाहते हैं।' (भाषा)