Publish Date: Mon, 05 Apr 2021 (15:27 IST)
Updated Date: Mon, 05 Apr 2021 (15:32 IST)
कोरोना वायरस एक बार फिर से देश के कई राज्यों में तेजी से पैर पसार रहा है। कई शहरों में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। इसी के साथ एक बार फिर से आरटी पीसीआर टेस्ट की चर्चा शुरू हो गई है।
कई राज्यों ने आरटी पीसीआर टेस्ट को अनिवार्य कर दिया है, यानी अगर कोई एक स्टेट से दूसरे स्टेट में जाता है तो उसे पहले अपना आरटी पीसीआर टेस्ट करवाना होगा। आइए जानते हैं आखिर क्या है यह टेस्ट और कैसे होता है।
आरटी पीसीआर टेस्ट यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमर्स चेन रिएक्शन टेस्ट। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। जांच के दौरान शरीर के कई हिस्सों से सैंपल लेने की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर नाक और गले से की म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है।
आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में आमातौर पर 6 से 8 घंटे का समय लग सकता है। कई बार इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। आरटी पीसीआर टेस्ट आपके शरीर में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने में सक्षम है। यही वजह है कि कुछ लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण सामने न आने के बावजूद भी ये टेस्ट पॉजिटिव आता है। आगे चलकर वायरस के कोई लक्षण सामने आएंगे या नहीं, या फिर वायरस कितना गंभीर रूप ले सकता है, इसके बारे में आरटी पीसीआर टेस्ट के जरिए पता नहीं चल पाता।
डॉक्टरों का कहना है कि इस टेस्ट के लिए किसी खास तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अगर आप कोई विशेष दवा, काढ़ा या जड़ीबूटी का सेवन कर रहे हैं तो एक बार विशेषज्ञ से परामर्श करने के बाद ही सैंपल दें। ताकि रिपोर्ट पर उन चीजों का असर न हो। टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को कुछ दिन के लिए आइसोलेट किया जाता है या अस्पताल में भर्ती भी किया जा सकता है। वहीं नेगेटिव रिपोर्ट का मतलब है कि शरीर में वायरस की मौजूदगी नहीं है।
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नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्म में मास्टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्हें फिल्ड रिपोर्टिंग का अच्छा-खासा अनुभव है।
उन्होंने अखबार....
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