Publish Date: Mon, 04 May 2020 (12:53 IST)
Updated Date: Mon, 04 May 2020 (15:49 IST)
कोलकाता। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) से संबद्ध जीसीसी बायोटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी पैदा करने वाले वायरस सार्स-कोव-2 के आरएनए (राइबो न्यूक्लिक एसिड) की जांच करने वाली किट तैयार की है।
कंपनी के प्रवक्ता एवं अनुसंधान एवं विकास विभाग प्रमुख डॉ अविजीत घोष (अनुसंधान एवं विकास विभाग के प्रमुख) ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किट का नाम डीआईएजीस्योर एन कोव-19 रखा गया है। इस किट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंजूरी भी मिल गई है।
यह किट संभवत: देश में कोविड-19 की जांच के लिए सबसे सस्ती किट है। इसकी कीमत 500 रुपए है। इसमें 90 मिनट के दौरान वायरस की जांच करने की क्षमता है। इस किट की गुणवत्ता भी काफी बेहतर है। इस किट के विकास से देश में जांच की रफ्तार में तेजी लाने में काफी मदद मिलेगी।
यह किट विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (CDC) की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक तैयार की गई है।
डॉ. घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पाबंदी लागू होने के कारण कोविड-19 जांच किटों का आयात करना काफी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा विदेशों किटों की जांच रिपोर्ट में भी गड़बड़ी पाई जा रही है। इन सभी को देखते हुए देश में ही जांच किट विकसित करने की जरूरत बढ़ गई थी, जिससे कोरोना की जांच में तेजी लाई जा सके। इस किट को युवा भारतीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने दो महीने के कठोर परिश्रम के बाद तैयार किया है।
...और इधर 'कोविड कथा' लॉन्च : केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के 50वें स्थापना दिवस पर कोरोना वायरस (कोविड 19) पर एक मल्टीमीडिया गाइड 'कोविड कथा' को लॉन्च किया।
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Publish Date: Mon, 04 May 2020 (12:53 IST)
Updated Date: Mon, 04 May 2020 (15:49 IST)