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दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर, CM केजरीवाल ने कहा- डरने की जरूरत नहीं...

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, बुधवार, 4 नवंबर 2020 (22:39 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ संक्रमित मरीज मिलने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह स्वीकार कर लिया है कि राजधानी में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है।
 
राजधानी दिल्ली में बुधवार को अब तक के सर्वाधिक रिकॉर्ड 6,842 नए मामले दर्ज किए गए जिससे संक्रमितों की संख्या 4.10 लाख के करीब पहुंच गई।
 
राजधानी में पिछले 5 दिनों तक रिकॉर्ड 5 हजार से अधिक मामले सामने आने के बाद सोमवार को नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ जिससे सक्रिय मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई। 
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सरकार ने माना तीसरी लहर : दिल्ली सरकार ने बुधवार को यह स्वीकार किया कि राष्ट्रीय राजधानी में वैश्विक महामारी कोविड-19 की तीसरी लहर है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने आज इस बात को माना कि दिल्ली में कोरोनावायरस की वर्तमान में तीसरी लहर चल रही है।

राजधानी में मंगलवार को कोरोनावायरस के रिकॉर्ड 6,725 नए मामले आए थे और कुल आंकड़ा 4 लाख 3 हजार 96 पर पहुंच गया है। वायरस 6652 मरीजों की जान ले चुका है और 36 हजार 375 मरीज अभी वायरस से ग्रसित हैं जबकि तीन लाख 60 हजार 69 महामारी को मात दे चुके हैं।
 
केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि राजधानी में कोविड-19 के मामलों में उछाल आया है। हम इसे कोरोना वायरस की तीसरी लहर कह सकते हैं। हम पूरी स्थिति पर बारीकी से निगाह रखे हुए हैं और जरूरत के हिसाब से महामारी को नियंत्रित करने के लिए जो भी आवश्यक होगा कदम उठाएंगे।
 
जैन ने कहा कि दिल्‍ली में कोरोना वायरस की तीसरी लहर है। इसके लिए हालांकि पिछले 15 दिनों में आक्रामक कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग को कारण माना जा सकता है। उन्‍होंने बताया कि राजधानी में कुल कोरोना बेड में करीब 6,800 बिस्तरों पर मरीज हैं जबकि 9,000 खाली पड़े हैं। 
 
जैन ने कहा कि उनकी सरकार निजी अस्‍पतालों में आईसीयू बिस्तर सुरक्षित रखने का फैसला पलटने के दिल्‍ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दस्तक देगी। 
 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से अधिक निजी अस्‍पतालों में भीड़ है क्‍योंकि बाहर से आने वाले लोग उन्‍हीं अस्‍पतालों में इलाज कराने जाते हैं। उन्‍होंने कहा हालांकि उपचार का प्रोटोकॉल सरकारी और निजी दोनों अस्‍पतालों में एक जैसा ही है।

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