Publish Date: Fri, 09 Jul 2021 (12:32 IST)
Updated Date: Fri, 09 Jul 2021 (12:43 IST)
लंदन। यूरो कप 2020 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की शानदार जीत के बाद हजारों लोग सड़क पर उतरकर जश्न मनाते देखे गए। जश्न में डूबे फैंस मानो कोरोनावायरस को भूल से गए। भीड़ में शामिल कई लोगों के चेहरों से मास्क नदारद थे। सड़कों पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग की बात ही बेमानी है।
लापरवाही का आलम यह है कि इंग्लैंड-जर्मनी के बीच खेले गए मुकाबले में भी वेम्बली स्टेडियम में करीब 42,000 लोग एकसाथ बैठे थे। इनमें से कई दर्शकों ने मास्क भी नहीं पहना था।
11 जुलाई को फाइनल मुकाबला : यूरो कप के फाइनल में 11 जुलाई को इंग्लैंड का मुकाबला इटली से होगा। दोनों में से जो भी देश इस महामुकाबले को जीतेगा वहां जमकर जीत का जश्न मनाया जाएगा। मैच हारने वाले देश में भी फैंस के लिए भावनाओं पर काबू पाना मुश्किल होगा। ऐसे में इन दोनों ही देशों में कोरोनो संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।
1 हफ्ते में बढ़े 43 प्रतिशत मामले : यूरो कप यूरोप के 11 देशों में खेला जा रहा है। फुटबॉल यूरोप में युवाओं का पसंदीदा खेल है। इस बीच मीडिया खबरों के अनुसार, पिछले 1 हफ्ते में यहां कोरोना के 43 प्रतिशत मामले बढ़ चुके हैं। अगर इंग्लैंड की बात करें तो यहां रोज औसतन 27 हजार केस सामने आ रहे हैं। ये जून के मुकाबले चार गुना है।