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जान लीजिए कोरोनाकाल में रेलयात्रा के नए नियम, तोड़े तो जाना पड़ सकता है जेल!

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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020 (00:41 IST)
नई दिल्ली। रेलयात्रा के दौरान कोरोनावायरस से बचाव को लेकर रेलवे सुरक्षाबल (RPF) ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उल्लंघन यात्रियों के लिए भारी पड़ेगा। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना अथवा जेल की सजा हो सकती है।
 
मास्क नहीं पहनने, कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने और जांच में संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद भी ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों पर रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है, उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है और यहां तक की कैद की भी सजा हो सकती है। रेल सुरक्षा बल (RPF) ने बुधवार को यह जानकारी दी।
 
आरपीएफ ने विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिशा-निर्देशों में यात्रियों से रेल परिसरों में कुछ गतिविधियां करने से बचने को कहा गया है।
 
इनमें मास्क नहीं पहनना या सही तरीके से नहीं पहनना, सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं करना, कोरोनावायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो जाने के बाद या जांच के नतीजे लंबित रहने के दौरान रेल क्षेत्र में या स्टेशन पर आने या ट्रेन में सवार होने या स्टेशन पर स्वास्थ्य टीम द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी ट्रेन में सवार हो जाना आदि शामिल हैं। आरपीएफ ने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर थूकना भी गैरकानूनी है।
 
रेलवे स्टेशनों पर एवं ट्रेनों में अस्वच्छ परिस्थितियां पैदा कर सकने वाली गतिविधियों में संलिप्त होना या जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्रभावित करना तथा कोरानावायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए रेल प्रशासन द्वारा जारी किसी दिशा-निर्देश का पालन नहीं करने जैसी गतिविधियों की भी अनुमति नहीं होगी।
 
आरपीएफ ने एक बयान में कहा कि चूंकि ये गतिविधियां या कृत्य कोरोनावायरस के प्रसार को बढ़ा सकती है और किसी व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए इन गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों को रेल अधिनियम की धारा 145, 153 और 154 के तहत दंडित किया जा सकता है।
 
रेल अधिनियम की धारा 145 (नशे में होना या उपद्रव करना) के तहत अधिकतम एक महीने की कैद, धारा 153 (जान-बूझकर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए जुर्माने के साथ अधिकतम 5 साल की कैद और धारा 154 (लापरवाह कृत्यों से अन्य यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत एक साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों सजा साथ में दिए जाने का प्रावधान है।

शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन 17 अक्टूबर से : रेलवे भोपाल (हबीबगंज) से नई दिल्ली के बीच शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन 17 अक्टूबर से फिर से शुरू करने जा रहा है। कोविड-19 के लॉकडाउन के चलते यह रेल सेवा लगभग 7 महीने से बंद थी।
 
रेलवे द्वारा बुधवार को यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शताब्दी एक्सप्रेस अपने पहले के तय समय सारिणी पर ही चलेगी इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। 17 अक्टूबर को यह नई दिल्ली से सुबह 5.30 बजे शुरू होगी और दोपहर 2.25 बजे भोपाल के उप नगर हबीबगंज स्टेशन पहुंचेगी।
 
वापसी में यह ट्रेन हबीबगंज से दोपहर 3 बजे चलकर रात 11.55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। रास्ते में शताब्दी एक्सप्रेस मथुरा, आगरा, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, ललितपुर और भोपाल स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में दो एक्जेक्यूटिव चेयर कार कोच, 14 एसी चेयर कार कोच और दो पावर यान होंगे।
 
राजस्थान के यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें : त्योहारी सीजन को देखते हुए रेलवे ने राजस्थान से जुड़े यात्रियों की सुविधा के लिए 13 जोड़ी त्योहार स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के उपमहाप्रबंधक लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार विशेष ट्रेन पूर्णतया आरक्षित सेवाएं होंगी। इनमें अजमेर-दादर-अजमेर सुपरफास्ट स्पेशल (त्रि-साप्ताहिक), श्रीगंगानगर-बान्द्रा टर्मिनस- श्रीगंगानगर प्रतिदिन स्पेशल, बीकानेर-बान्द्रा टर्मिनस-बीकानेर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल, बीकानेर-दादर-बीकानेर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल, जयपुर-पुणे-जयपुर द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल और भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शामिल है। इनके अलावा रेलवे जयपुर-इंदौर-जयपुर द्वि-साप्ताहिक सुपर फास्ट स्पेशल, अजमेर-सियालदाह-अजमेर प्रतिदिन सुपरफास्ट स्पेशल, उदयपुर सिटी-न्यूजलपाईगुडी-उदयपुर सिटी साप्ताहिक स्पेशल, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर त्रि-साप्ताहिक स्पेशल, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर त्रि-साप्ताहिक स्पेशल, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर साप्ताहिक स्पेशल और बीकानेर-कोलकाता-बीकानेर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल चलाएगी। (भाषा)

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