Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

महाराष्ट्र में कल से शुरू होगी मेट्रो, नहीं खुलेंगे धार्मिक स्थल

webdunia
बुधवार, 14 अक्टूबर 2020 (20:11 IST)
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government)  ने अपने अभियान ‘बिगिन अगेन’ (Begin Again) के तहत मुंबई में मेट्रो ट्रेनों का संचालन 15 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से करने की अनुमति देने का बुधवार को फैसला किया। यहां जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकार ने इसके साथ ही गुरुवार से सभी सरकारी और निजी पुस्तकालयों को फिर से खोलने की भी अनुमति दी जिसके लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

सरकार ने कल से कंटेनमेंट जोन के बाहर उद्योग प्रदर्शनियों को भी इजाजत दी। स्थानीय साप्ताहिक बाजारों को भी कंटेनमेंट जोन के बाहर फिर से खोलने की इजाजत दी जाएगी। इसमें जानवरों के बाजार भी शामिल होंगे। भीड़ कम करने के उद्देश्य से बाजार और दुकानों को कल से रात 9 बजे तक दो अतिरिक्त घंटे खोलने की इजाजत होगी।
 
सरकार ने विभिन्न हवाई अड्डों पर आने वाले घरेलू यात्रियों के लिए कोविड-19 जांच के बाद अमिट स्याही से मुहर लगाना बंद करने का फैसला किया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच और उन पर मोहर लगाना भी बंद किया जाएगा।
 
धार्मिक स्थल रहेंगे बंद : महाराष्ट्र में कोरोना लॉकडाउन के दौरान बंद किए धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की मांग को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है और अनलॉक-5 में उन्हें खोलने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। धार्मिक स्थलों को खोलने की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है। इस संबंध में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भी लिखा था। इसे लेकर विवाद भी हुआ था। 
 
पवार ने लिखा पीएम मोदी को पत्र : महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी पार्टी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्यपाल के बयान पर संज्ञान लेने के लिए कहा है। पवार ने कहा कि वे राज्यपाल पत्र की ‘असंयमित भाषा’ से स्तब्ध हैं। यह संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के लिए अच्छा नहीं है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री ने राज्यपाल की भाषा को देखा होगा। 
webdunia
क्या लिखा था राज्यपाल ने : महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था। कोश्यारी ने पत्र में सभी बार, पब, रेस्टोरेंट खोले गए हैं, लेकिन मंदिर बंद है। सभी सावधानियों के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने को कहा है। 
 
राज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि आप हमेशा ही हिन्दुत्व की आवाज रहे हैं। आपने मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या में राम मंदिर जाकर अपनी श्रद्धा का परिचय दिया था। क्या आप अचानक से खुद भी ‘सेक्युलर’ हो गए है, वह एक शब्द जिससे आप घृणा करते थे। 
 
सीएम ठाकरे ने दिया था यह जवाब : इस पत्र के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी पलटवार करते हुए मंगलवार को जवाबी पत्र लिखा और राज्यपाल को संविधान की नसीहत दी। पत्र का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने लिखा, मेरे हिन्दुत्व को आपके प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है... क्या आप अचानक से खुद भी ‘सेक्यूूलर’ हो गए हैं, आपको ऐसा सवाल क्यों पूछना है? क्या यह आपको स्वीकार्य नहीं है? ठाकरे ने कहा, क्या धर्मनिरपेक्षता संविधान का अहम हिस्सा नहीं है, जिसके नाम पर आपने राज्यपाल बनते समय शपथ ग्रहण की थी।

संत-महंत का प्रदर्शन : भाजपा की आध्यात्मिक शाखा के सदस्यों ने महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोले जाने की अपनी मांग के समर्थन में साईबाबा मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया। इस शाखा के सदस्यों में महंत और संत शामिल हैं। उन्होंने अहमदनगर जिले में स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर में प्रवेश पर जोर दिया लेकिन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई।

पुलिस ने इस दौरान 10 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें आचार्य तुषार भोसले भी शामिल हैं। भोसले राज्य में भाजपा की आध्यात्मिक शाखा के प्रमुख हैं। इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में छोड़ दिया गया।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

उपचुनाव: भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया 10 वें नंबर के स्टार प्रचारक,कांग्रेस ने कसा तंज