Publish Date: Fri, 07 Apr 2023 (16:14 IST)
Updated Date: Fri, 07 Apr 2023 (16:20 IST)
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को केंद्र से कोविड टीकों का नया स्टॉक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। पटना में आयोजित एक समारोह के बाद देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा कि वर्ष 2020 में कोरोना के शुरू होने से लेकर आज तक की दैनिक रिपोर्ट मेरे पास है। पूरे 3 साल की रिपोर्ट मेरे पास है।
कोरोना को लेकर प्रतिदिन मेरे पास रिपोर्ट आती है। अभी पूरे देश में कोरोना की जितनी जांच हो रही है, उसकी एक तिहाई जांच बिहार में हो रही हैं। देश में प्रति 10 लाख की आबादी पर औसतन 6 लाख जांच हो रही हैं जबकि बिहार में यह 8 लाख से ज्यादा है। कोरोना के मामले घटें या बढ़ें, बिहार में कोरोना की जांच निरंतर होती रहती है।
उन्होंने कहा कि बिहार में कोविड-19 टीकाकरण भी कराया जा रहा है। राज्य में कोविड-19 रोधी टीके खत्म हो गए हैं। इसको लेकर भारत सरकार से मांग की गई है। अभी पटना समेत 4-5 जिलों में कोरोना के कुछ मामले सामने आए हैं। इसको लेकर बिहार में शुरू से लोग सतर्क हैं।
बिहार में हुई हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन लोगों से हमें कोई मतलब नहीं है। बिहार में आपस में लोगों के बीच कोई विवाद नहीं हो, इसको लेकर हमने शुरू से काम किया है। एक-दो जगहों पर आपस में झगड़ा होने पर तुरंत उस पर काबू किया गया। यहां पर एक-एक चीज पर ध्यान दिया जाता रहा है। बिहार में यह सब नहीं होता था। आजकल जो कुछ हुआ है, उसकी जांच की जा रही है। यह सब किसने किया पता चल जाएगा। गड़बड़ करने वालों को पकड़ा जा रहा है।
नीतीश ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में एक केंद्रीय मंत्री के बेटे को भी यहीं पर गिरफ्तार किया गया था। हम किसी को भी नहीं छोड़ते हैं। आजकल कुछ लोग ऐसे ही कुछ-कुछ बोलते रहते हैं।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta