Publish Date: Sat, 12 Dec 2020 (12:01 IST)
Updated Date: Sat, 12 Dec 2020 (12:06 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका में शुक्रवार को देश के पहले कोरोनावायरस (Coronavirus) टीके को मंजूरी दे दी गई है, जो इस महामारी के अंत की शुरुआत हो सकती है, जिसने अब तक 3 लाख अमेरिकी लोगों की जान ले ली है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
खाद्य एवं औषधि विभाग ने फाइजर और उसके जर्मनी के साझेदार बायोएनटेक द्वारा विकसित टीके के आपात स्थिति में उपयोग की इजाजत दी है। अब आगामी दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों एवं नर्सिंग होम कर्मियों के टीकाकरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई अन्य देश सर्दियों से पहले अधिकाधिक लोगों का टीकाकरण करना चाहते हैं ऐसे में टीके की पहली खुराकों की कमी होगी इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। एफडीए का फैसला बड़े पैमाने पर जारी अध्ययन को लेकर जनता की समीक्षा के आंकड़ों के आधार पर लिया गया है।
इसके अलावा ट्रंप प्रशासन भी एफडीए पर टीके को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए दबाव बना रहा था और आरोप लगा रहा था कि एजेंसी की प्रक्रिया बहुत ही धीमी है। यहां तक कि प्रशासन ने एफडीए प्रमुख स्टीफन हान को धमकी तक दे डाली थी कि यदि टीके के बारे में फैसला शुक्रवार तक नहीं लिया गया तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा।
एफडीए की मंजूरी मिलने के बाद अब अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान आरंभ हो जाएगा।अमेरिका मॉडर्ना द्वारा विकसित टीके पर भी विचार कर रहा है।
वहीं दूसरी ओर मैक्सिको की सरकार के चिकित्सा सुरक्षा आयोग ने आपात स्थिति में फाइजर/बायोएनटेक द्वारा निर्मित कोरोनावायरस के टीके के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इस टीके को मंजूरी देने वाला मैक्सिको, ब्रिटेन, कनाडा और बहरीन के बाद चौथा देश है।(भाषा)