Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Reliance ने एक दिन में वितरित किए 13 लाख से अधिक फूड पैकेट

हमें फॉलो करें webdunia
शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020 (16:18 IST)
नई दिल्ली। देश के सबसे धनाड्य व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कोरोना वायरस (Corona virus) ‘कोविड-19’ के खिलाफ जंग में अपना खजाना खोल दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की सामाजिक सेवा संस्था रिलायंस फाउंडेशन ने स्वयंसेवी संगठनों और समाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर एक ही दिन में देश में 13,81,620 भोजन के पैकेट एवं राशन वितरित किया।

फाउंडेशन द्वारा अब तक कुल मिलाकर 42 लाख 88 हजार से अधिक फूड पैकेट एवं राशन वितरित किए जा चुका है। देश के 14 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 41 जिलों में जरूरतमंदों को यह भोजन वितरित किया गया है। पूर्ण बंदी से प्रभावित भारतीयों के लिए रिलायंस ने 50 लाख भोजन पैकेट वितरित करने का लक्ष्य रखा है। 

रिलायंस फाउंडेशन की अध्यक्ष नीता अंबानी स्वयं अपनी निगरानी में इन सभी कामों को अंजाम दे रही हैं। भोजन के अलावा रिलायंस ने अपने पेट्रोल पंपों से आपातकालीन वाहनों को मुफ्त ईंधन देने की घोषणा की थी। घोषणा के अनुरूप रिलायंस के पेट्रोल पंपों से कोरोना वायरस मरीजों को लाने ले जाने वाले आपातकालीन वाहनों को ईंधन दिया जा रहा है। अब तक 1240 वाहनों और एंबुलेंसों में लगभग 46 हजार लीटर ईंधन भरा जा चुका है।

कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के राहत कोषों में अब तक 530 करोड़ रुपए दिए हैं। लगभग एक लाख मास्क रोजाना बनाए जा रहे हैं। साथ ही डॉक्टर, नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित रहें, इसके लिए हजारों पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) भी रोजाना बनाए जा रहे हैं।

रिलायंस ने कोविड-19 को समर्पित देश का पहला 100 बिस्तरों का जो अस्पताल बनाया था। वह अब मरीजों का इलाज कर रहा है। अंबानी ने कहा है कि रिलायंस के कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है। इसलिए रिलायंस के सभी कर्मचारियों के लिए एक खास ऐप बनाया गया है।

प्रत्‍येक दिन कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य के बारे में इस ऐप के जरिए बताना होता है। रिलायंस के डॉक्टर इस डेटा के मार्फत से यह जान जाते हैं कि किस कर्मचारी को बीमारी का खतरा अधिक है। एहतियाती कदम उठाकर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी इस खतरे को कम करने का प्रयास करते हैं। (वार्ता) 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

इंदौर में एक और डॉक्टर की मौत, मृतक संख्या 26