Publish Date: Fri, 24 Apr 2020 (21:56 IST)
Updated Date: Fri, 24 Apr 2020 (21:58 IST)
इंदौर। देश में कोरोना वायरस (Corona virus) कोविड-19 के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल इंदौर के केंद्रीय जेल का एक प्रहरी और 7 कैदी महज 10 दिन के अंतराल में इस महामारी से संक्रमित पाए गए हैं। इससे सकते में आए जेल प्रशासन को संदेह है कि पुलिस पर पथराव के आरोप में गिरफ्तार 58 वर्षीय व्यक्ति के सलाखों में बंद होने के बाद इस उच्च सुरक्षा वाले कारागार में संक्रमण फैला।
केंद्रीय जेल के अधीक्षक राकेश कुमार भांगरे ने शुक्रवार को बताया, अब तक हमारे जेल में 29 वर्षीय प्रहरी और सात कैदियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये सभी लोग शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय जेल में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला 14 अप्रैल को सामने आया, जब 58 वर्षीय कैदी जांच में इस महामारी से संक्रमित पाया गया था। भांगरे ने कहा, हमें संदेह है कि जेल के अन्य लोग इस विचाराधीन कैदी के संपर्क में आने के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित हुए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 58 वर्षीय व्यक्ति और उसका 25 साल का बेटा शहर के चंदन नगर में सात अप्रैल को कर्फ्यू ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक पर पथराव के आरोपियों में शामिल था। पुलिस ने 25 वर्षीय आरोपी को तीन अन्य लोगों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जबलपुर में जेल भेज दिया था, जबकि उसके पिता को भारतीय दंड विधान की धारा 147 (बलवा) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर इंदौर स्थित केंद्रीय जेल में रखा गया था।
इंदौर स्थित केंद्रीय जेल के अधीक्षक ने बताया, जबलपुर में कराई गई जांच में 25 वर्षीय आरोपी में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। हमें 11 अप्रैल को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, हमने अपने जेल में बंद उसके पिता को तुरंत एक अस्पताल में भर्ती कराते हुए उसकी जांच कराई थी। जांच की 14 अप्रैल को आई रिपोर्ट में वह भी कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया था।
भांगरे ने बताया कि 29 वर्षीय प्रहरी जेल का पहला और अब तक इकलौता कर्मचारी है जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। जेल के 27 अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की इस महामारी की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षणों वाले 64 अन्य कैदियों को जेल से एक पृथक केंद्र में भेज दिया गया है। इनके नमूनों की जांच कराई जा रही है।
भांगरे ने बताया कि 1,230 कैदियों की क्षमता वाले केंद्रीय जेल में अभी करीब 2,200 लोग बंद हैं। उन्होंने बताया, हम जेल के सभी कैदियों की रोज स्क्रीनिंग कर रहे हैं। सर्दी-खांसी और बुखार की समस्या वाले कैदियों को लगातार पृथक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जेल की बैरकों को सात सेक्टरों में बांटकर एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में कैदियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। कैदियों से शारीरिक दूरी के नियमों का यथासंभव पालन कराया जा रहा है।
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Updated Date: Fri, 24 Apr 2020 (21:58 IST)