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डॉ. हर्षवर्धन बोले, कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं का कारोबार 50 से 90 प्रतिशत की दर से बढ़ा

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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021 (12:33 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि विश्व में आयुर्वेद की स्वीकार्यता बढ़ रही है और कोरोना काल के बाद देश में आयुर्वेदिक दवाओं का कारोबार 50 से 90 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
 
डॉ. हर्षवर्धन ने पतंजलि के कोरोना की प्रामाणिक दवा 'कोरोनील' को जारी करने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल के पहले आयुर्वेदिक दवाओं का कारोबार 15 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा था जिसमें अब 50 से 90 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। कोरोना काल के पहले देश में आयुर्वेदिक कंपनियों का कुल सालाना कारोबार 30,000 करोड़ रुपए का था।
उन्होंने कहा कि दुनिया में आयुर्वेदिक दवाओं की बढ़ती स्वीकार्यता के कारण इसका व्यवसाय बढ़ रहा है और इससे निर्यात में भी भारी वृद्धि हुई है। दुनिया के लोग आयुर्वेद की दवाओं का उपयोग भी करते हैं लेकिन उसे स्वीकार करना नहीं चाहते हैं।
डॉ. हर्षवर्धन ने आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से आयुर्वेद को स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विश्व का कल्याण होगा और देश का गौरव बढ़ेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आयुर्वेद को मान्यता दी है तथा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, क्यूबा, मॉरिशस, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, हंगरी आदि देशों में नियमित तौर पर इसे मान्यता है। भारत का आयुर्वेदिक चिकित्सक न्यूजीलैंड में एक परीक्षा देने के बाद वहां उपचार कर सकता है। उन्होंने आयुष मंत्रालय के कामकाज की चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य संबंधी मामलों को लेकर 140 स्थानों पर 109 अध्ययन किए गए। उपचार को लेकर 32 अध्ययन किए गए जिनके परिणाम उत्साहवर्द्धक हैं। (वार्ता)

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