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Vaccination Data Story : जानिए क्या है भारत में वैक्सीनेशन का ताजा हाल....

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बुधवार, 2 जून 2021 (15:00 IST)
नई दिल्ली। देश भर में अब तक कोरोना वायरस रोधी टीके की 21.83 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। देश में अब तक 25.23 करोड़ लोग वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं इनमें 18 से 44 आयु वर्ग के 10 करोड़ लोग शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक देश भर में इस आयुवर्ष के कुल 2,13,01,448 लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है और 39,282 लोग दूसरी खुराक ले चुके हैं।
 
21.83 करोड़ को लगा कोरोना का टीका : मंत्रालय ने कहा है कि देश भर में कुल 21,83,58,591 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें 98,98,617 स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन्होंने पहली खुराक ली है और 68,02,675 स्वास्थ्यकर्मी दूसरी खुराक ले चुके हैं। इसी प्रकार 1,57,54,583 फ्रंटलाइन वर्करों को पहली खुराक जबकि 85,54,588 कर्मियों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।
 
मंत्रालय के अनुसार, इसके अलावा 45 से 60 साल आयु वर्ग में 6,71,54,837 और 1,08,57,683 लाभार्थियों को कोविड टीके की क्रमश: पहली और दूसरी खुराक दी जा चुकी है। इसी तरह 60 से अधिक आयु के 5,91,30,042 और 1,88,64,836 लोगों को क्रमश: पहली और दूसरी खुराक दी जा चुकी है।
 
तीसरे नंबर पर भारत : 31 मई तक दुनियाभर में 194 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। इसमें से 43 करोड़ को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके है। भारत में 31 मई तक 21 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी थी। 4.3 करोड़ लोगों को वैक्सीन के दोनों डोज लग गए। वैक्सीनेशन के मामले में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर नजर आ रहा है। 
 
अधिकांश जगह फ्री में वैक्सीन : केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के तालमेल से देश में अधिकांश स्थानों पर लोगों को मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर पेड वैक्सीनेशन सेंटर भी बनाए गए हैं लेकिन उसके लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। दिल्ली, एनसीआर, मध्यप्रदेश, गुजरात में कई स्थानों पर ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन सेंटर भी बनाए गए हैं।    
 
वैक्सीन की कमी से लोग परेशान : मई माह में कई राज्यों में वैक्सीन की कमी से 18 से 44 वर्ष के लोगों का वैक्सीनेशन शुरू ही नहीं हो सका। कई राज्यों में वैक्सीन देर से पहुंची। इस बीच कोविन वेबसाइट, आरोग्य सेतु और उमंग एप पर रजिस्ट्रेशन जारी रहा। रजिस्ट्रेशन के बाद बड़ी संख्या में युवा शेड्युल के लिए परेशान होते दिखाई दिए। इस बीच कहीं कोवैक्सीन की कमी नजर आई तो कहीं कोविशिल्ड की कमी दिखी। बहरहाल जून में स्पूतनिक की खेप आने से वैक्सीनेशन में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। 
 
वैक्सीनेशन में लापरवाह‍ी : जैसे जैसे देश में टीकाकरण कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है, लापरवाही की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही है। कहीं लोग वैक्सिन के एक डोज से लिए रोज परेशान हो रहे हैं तो कहीं मात्र 10 मिनट में 2 डोज लगा दिए जाते हैं। कहीं कहीं तो एक ही व्यक्ति को अलग अलग डोज लगा दिए गए। एक एएनएम ने तो खाली सुई लगाकर कई डोजों को कूड़ेदान में फेंक दिया।  इस बीच कई बड़े अस्पतालों ने होटलों के साथ मिलकर वैक्सीन डेस्टिनेशन भी शुरू कर दिए। 
 
सरकार की पैनी नजर : टीकाकरण कार्यक्रम पर सरकार की पैनी नजर है। जहां भी कुछ गड़बड़ नजर ती है सरकार तुरंत मामले में हस्तक्षेप करती है। चाहे एक ही व्यक्ति को अलग अलग वैक्सीन लगाने का मामला हो या एएनएम द्वारा खाली सुई चुभाने का मामला, सरकार ने मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की।  
 
10 राज्यों ने हासिल की यह उपलब्धि : बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल वे 10 राज्य हैं जहां टीकाकरण जोरो पर चल रहा है। इन राज्यों में 18-44 आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लोगों को टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है।
 
जुलाई या अगस्त में प्रति दिन 1 करोड़ लोगों का टीकाकरण : केंद्र सरकार के अनुसार, जुलाई या अगस्त की शुरुआत तक कोविड-19 के पर्याप्त टीके उपलब्ध होंगे जिससे प्रति दिन एक करोड़ लोगों को टीका लगाया जा सकेगा। सरकार ने कहा कि टीके की कमी नहीं है और देश की बड़ी आबादी को देखते हुए धैर्य बनाए रखने की जरूरत है।
 

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