Publish Date: Fri, 12 Jun 2020 (18:15 IST)
Updated Date: Fri, 12 Jun 2020 (18:16 IST)
वॉशिंगटन। कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 से स्वस्थ हुए कई लोग कोरोनावायरस के अन्य रोगियों को ठीक करने में मदद के लिए अपने रक्त प्लाज्मा को दान करने की पेशकश कर रहे हैं। हालांकि इस बारे में अभी प्रामाणिक परिणाम भी नहीं आए हैं। वैज्ञानिक अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या प्लाज्मा दान से किसी व्यक्ति में पहले ही संक्रमण की रोकथाम हो सकती है?
दुनियाभर के अस्पतालों में हजारों कोरोनावायरस रोगियों का इलाज स्वस्थ मरीजों के प्लाज्मा से करने का दावा किया गया है, जिनमें अमेरिका में 20 हजार से अधिक लोग शामिल हैं। हालांकि इस बारे में अभी बहुत ज्यादा प्रमाण नहीं मिले हैं।
चीन में हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, वहीं न्यूयॉर्क में हुए एक अन्य अध्ययन में लाभ का संकेत मिला। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डॉ. शमुअल शोहम ने कहा, हमें उम्मीद की किरण मिली है।
प्लाज्मा उपचार को लेकर कई तरह के अध्ययन चल रहे हैं, इस बीच शोहम ने एक राष्ट्रीय स्तर का अध्ययन शुरू किया है जिसमें पता लगाया जा रहा है कि क्या अत्यधिक जोखिम में रहने के तत्काल बाद स्वस्थ हुए लोगों के प्लाज्मा से सामने वाले व्यक्ति में पहले ही बीमारी की आशंका की रोकथाम हो सकती है।
हॉपकिंस एवं 15 अन्य संस्थानों के अनुसंधानकर्ता स्वास्थ्य कर्मियों, बीमार लोगों के जीवनसाथियों और नर्सिंग होम के लोगों को अध्ययन में शामिल करेंगे। इस अध्ययन में 150 कार्यकर्ताओं को बिना किसी क्रम के कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों का प्लाज्मा और सामान्य लोगों का प्लाज्मा लेने के लिए शामिल किया जाएगा।
इसके बाद वैज्ञानिक इस पहल का अध्ययन करेंगे कि प्लाज्मा देने के बाद क्या व्यक्ति में पहले ही संक्रमण की आशंका समाप्त हो सकती है।(भाषा)