24 और 25 फरवरी की रात जब दिल्ली चारों तरफ से जल रही थी, दंगाई एक दूसरे के खून के प्यासे होकर कत्ल ए आम कर रहे थे। चारों तरफ चीख-पुकार थी, ठीक इसी दौरान दिल्ली की एक गली में हिंदू-मुस्लिम एकता और सौहार्द की इबारत लिखी जा रही थी।
करीब 10 मुस्लिम परिवारों को हिंदू परिवार ने न सिर्फ रहने के लिए घर में पनाह दी, खाना खिलाया, बल्कि दंगाइयों से बचाने के लिए मानव चेन बनाकर उन्हें सुरक्षित अपने घरों तक पहुंचाया।
सौहार्द की यह कहानी उत्तर पूर्वी दिल्ली की है। यहां रहने वाली मुस्लिम महिला तब्बसूम ने मीडिया को यह सकारात्मक कहानी बताई। शुक्रवार को वे अपने रिश्तेदार का हालचाल जानने के लिए जीटीबी अस्पताल पहुंचीं थी। तबस्सुम ने बताया कि उनकी गली में 10 मुस्लिम परिवार रहते हैं, जब सैकड़ों लोगों की भीड़ ने गली में हमला किया तो 10 मुस्लिम परिवारों के सदस्य वहां बुरी तरह से फंस गए। इसके पहले की दंगाई उनकी जान ले लेते, वहां रहने वाले हिंदू परिवारों के सदस्यों ने उन्हें तुरंत सक्रिय होकर भीड़ से बचाकर निकाला।
रात भर चल रही गोलीबारी और हंगामों की आवाज के बीच ये सभी मुस्लिम सदस्य अपने घर नहीं जा पा रहे थे। ऐसे में हिंदुओं ने दो दिनों तक सभी मुस्लिमों को अपने घर में पनाह दी। उनके लिए खाना बनाया और खिलाया। इतना ही नहीं, कोई दंगाई घर में न घुसकर उन पर हमला न कर दे, इस वजह से रातभर हिंदू सदस्यों ने घर के बाहर और छत पर पहरा दिया।
दो दिन बाद भी जब माहौल ठीक नहीं हुआ तो मुस्लिमों को उनके रिश्तेदारों के घर तक भेजने के लिए हिंदुओं ने मानव चेन बनाई और उसकी मदद से उन्हें सुरक्षित उनके रिश्तेदारों के घर भिजवाया।
हिंदू मुस्लिम भाईचारे की यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तब्बसूम एक वीडियो में यह पूरी कहानी बता रही है। नवभारत टाइम्स हिंदी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए गए इस वीडियो की जमकर तारीफ हो रही है।
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नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्म में मास्टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्हें फिल्ड रिपोर्टिंग का अच्छा-खासा अनुभव है।
उन्होंने अखबार....
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