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Expert Advice - कम हो रही हैं प्लेटलेट्स फिर भी मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं, ये हैं वजह!

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सुरभि भटेवरा

बारिश में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है। घर में या आसपास थोड़ा बहुत भी पानी जमा होने पर मच्‍छरों का जमावड़ा हो जाता है। इसलिए घर और आसपास अधिक से अधिक साफ-सफाई का ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। ताकि बारीक मच्‍छर पैदा नहीं हो। इतना ही नहीं जहां पानी ठहरा रहता है वहां पर सबसे जल्‍दी मच्‍छर पैदा होते हैं। इन दिनों मौसम बदलने के कारण डेंगू और मलेरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। साथ ही बता दें कि डेंगू होने पर ब्‍लड प्‍लेटलेट्स कम होने लगती है। कम होने पर जान को भी खतरा रहता है। बढ़ते डेंगू और मलेरिया के मामलों से कैसे बचा जाएं। इसे लेकर वेबदुनिया ने इंदौर सीएचएल चेस्‍ट स्‍पेशलिस्‍ट डॉ. सूरज वर्मा से चर्चा की। आइए जानते हैं।

-बॉडी में प्‍लेटलेट्स कम हो रही है लेकिन डेंगू की पुष्टि नहीं हो रही है?

दरअसल,यह वायरस बार-बार म्‍यूटेट होते रहते हैं। फिलहाल डेंगू का टेस्‍ट करने पर रिपोर्ट शुरूआत के 2 से 3 दिन में नेगिटिव आ रही है। लेकिन 5से6 दिन में टेस्‍ट कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। साथ ही मलेरिया भी प्‍लेटलेट्स के कम होने का कारण होते हैं। ऐसे में मलेरिया भी हो सकता है। उसका भी ध्‍यान रखना जरूरी है।

जब पुष्टि नहीं होती है तो एक कारण होता है कि वह लगातार म्‍यूटेट होता है। वायरस के लगातार म्‍यूटेट होने के कारण कोविड-19 में भी वायरस की पुष्टि करने में दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा। अगर आपको लगातार लगता है कि बुखार है और प्‍लेटलेट्स कम हो रहे हैं तो रीपिट टेस्‍ट कराएं। ताकि कुछ दिन बाद रिपोर्ट में कुछ आ सकें।


2 तरह के टेस्‍ट करा सकते हैं

पहला एंटीजन और दूसरा एंटीबॉडी टेस्‍ट
एंटीजन टेस्‍ट तीन तरह के होते हैं और एंटबॉडी 2तरह के टेस्‍ट होते हैं।
एंटीबॉडी में IgC और IgM। अगर एंटीजन टेस्‍ट में शुरूआत में पॉजिटिव आने की संभावना अधिक होती है। इसलिए शुरूआत में पूरा प्रोफाइल कराया जाता है।अगर एंटीजन नेगिटिव होती है तो आप एंटीबॉडी टेस्‍ट कराए। फुल प्रोफाइल जांच कराने पर वह अन्‍य संक्रमण या इंफेक्‍शन भी पकड़ में आ जाता है।  

- सामान्‍य प्‍लेटलेट्स कितनी होती है?

बॉडी में डेढ़ लाख। कम से कम 1 लाख तक ठीक रहता है लेकिन इसके बाद रिस्‍की हो जाता है।  

- किस तरह करें डेंगू से बचाव ?

खानपान में इम्‍यून बूस्‍टर की चीजें खाना जरूरी है। पपीता खाएं। साथ ही जूस पीते रहे और पानी सबसे अधिक पिएं। डेंगू होने पर बॉडी में पानी की कमी नहीं होने दें। क्‍योंकि डेंगू डिहाईड्रेट करता है। सुबह पेट भरकर नाश्‍ता कीजिए।  

डेंगू का मच्‍छर दिन में काटता है। इसलिए अपने आसपास अधिक से अधिक सफाई रखें। कोशिश करें यह स्‍वच्‍छ पानी में उगता है। घर के आसपास पानी जरा भी जमा नहीं होने दें। इन से बचाव करना सबसे अधिक जरूरी है। इसलिए दिन में भी मच्‍छर से खुद का बचाव करें।  

 

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