Publish Date: Mon, 17 Oct 2022 (13:08 IST)
Updated Date: Mon, 17 Oct 2022 (15:21 IST)
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को पूजा में प्रतिदिन वैष्णवजन तुलसी चढ़ाते हैं और मंदिर में आ रहे भक्तों को तुलसी का पानी चरणामृत के रूप में बांटते हैं। माता तुलसी को वृंद भी कहते हैं जो श्रीहरि को बहुत ही प्रिय है। यह साक्षात माता लक्ष्मी का भी रूप हैं। दिवाली पर लक्ष्मी पूजा में तुलसी का पत्ता भी लगता है। लेकिन यदि आप धनतेरस या दिवाली पर तुलसी का पत्ते तोड़ेंगे तो पाप लगेगा। आखिर क्यों? आओ जानते हैं।
- 22 अक्टूबर 2022 को धनतेरस की तिथि प्रारंभ हो जाएगी। उदयातिधि के अनुसार धनतेरस 23 अक्टूबर को मनाएंगे। 22 अक्टूबर को तुलसी का पत्ता इसलिए नहीं तोड़ सकते हैं क्योंकि इस दिन एकादशी भी रहेगा और द्वादशी भी। 21 को एकादशी प्रारंभ होगी जो 22 अक्टूबर तक रहेगी।
- 23 अक्टूबर को तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ सकते क्योंकि उस दिन रविवार रहेगा और रविवार को तुलसी माता को तोड़ना पाप माना जाता है। क्योंकि माता तुलसी एकादशी और रविवार को उपवास रखती हैं।
- 24 अक्टूबर 2022 दिवाली के दिन तुलसी का पत्ता इसलिए नहीं तोड़ सकते क्योंकि इस दिन अमावस्या रहेगी और अमावस्या के दिन तुलसी का पत्ता तोड़ने से ब्रह्म हत्या का पाप लगता है।
- 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण रहेगा उस दिन ग्रहण के बाद तुलसी का पत्ता तोड़कर जल में डालते हैं लेकिन उस दिन भी तुलसी नहीं तोड़ सकते क्योंकि उस दिन अमावस्या तिथि भी रहेगी।
- अब सवाल यह उठता है कि फिर तुलसी कब तोड़ें? इसके लिए आप 20 अक्टूबर को ही तुलसी के पत्तों का चयन करके पहले ही रख लें और उनका उपयोग समयानुसार करें। तुलसी के तोड़े गए पत्तों का उपयोग आप 10 दिनों तक कर सकते हैं।