Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

दशहरे पर शमी पूजन से मिलते हैं ये 6 तरह के लाभ

हमें फॉलो करें webdunia

अनिरुद्ध जोशी

हिन्दू परंपरा में इस वृक्ष का खास महत्व है। दशहरे पर शमी के वृक्ष का पूजन किया जाता है और इसकी पत्तियां एक दूसरे को बांटी जाती है। आखिर शमी पूजन का क्यों है इतना महत्व आओ जानते हैं 6 खास बातें।

 
1. इस वृक्ष के पूजन से शनि प्रकोप शांत हो जाता है क्योंकि यह वृक्ष शनिदेव का साक्षात्त रूप माना जाता है।  
 
2. आयुर्वेद के अनुसार यह वृक्ष कृषि विपदा में लाभदायक है। इसके कई तरह के प्रयोग होते हैं। 
 
3. विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष पूजा करने से घर में तंत्र-मंत्र का असर खत्म हो जाता है।
 
4. जहां भी यह वृक्ष लगा होता है और उसकी नित्य पूजना होती रहती है वहां विपदाएं दूर रहती हैं।
 
5.मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने के पूर्व शमी वृक्ष के सामने शीश नवाकर अपनी विजय हेतु प्रार्थना की थी। बाद में लंका पर विजय पाने के बाद उन्होंने शमी पूजन किया था। दशहरे के दिन आप भी दशहरा मिलने के बाद लोगों को शमी के पत्ते भेंट करें, लेकिन शमी के पत्तों को तोड़ने से पहले पौधे का पूजन किया जाता है। यह शत्रु पर विजयी दिलाता है।
 
6. प्रदोषकाल में शमी वृक्ष के समीप जाकर पहले उसे प्रणाम करें फिर उसकी जड़ में शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद वृक्ष के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर उसकी विधिवत रूप से पूजा करें। शमी पूजा के कई महत्वपूर्ण मंत्र का प्रयोग भी करें। इससे सभी तरह का संकट मिटकर सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

51 Shaktipeeth : जनस्थान भ्रामरी नासिक महाराष्ट्र शक्तिपीठ-42