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अचला या अपरा एकादशी का व्रत रखने से क्या होता है?

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Achala Ekadashi 2025
Achala Ekadashi : अचला या अपरा एकादशी यह एक अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना जाता है। इसे 'अपरा' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अपरंपार या असीम फल देने वाली एकादशी है। अचला एकादशी का व्रत रखने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं, जिनका वर्णन विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। इस वर्ष अपरा एकादशी व्रत 23 मई, 2025, शुक्रवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की ग्यारस तिथि पर रखा जाएगा।ALSO READ: क्या Nuclear की मौत मरेगा पाकिस्तान, जानिए भविष्यवाणी का सच
 
इस व्रत से मिलने वाले आध्यात्मिक, भौतिक एवं सांसारिक लाभ इस प्रकार हैं...
 
• आध्यात्मिक उन्नति: यह व्रत मन को शांत और एकाग्र करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है।
 
• पापों से मुक्ति: मान्यता है कि इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यहां तक कि ब्रह्महत्या, परस्त्रीगमन, झूठी गवाही और दूसरों की निंदा जैसे गंभीर पापों से भी मुक्ति मिलती है।
 
• मोक्ष की प्राप्ति: अपरा एकादशी का व्रत रखने से आत्मा शुद्ध होती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
 
• पुण्य की प्राप्ति: इस व्रत को करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है, जो विभिन्न तीर्थों और दानों के बराबर माना जाता है। जैसे कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर में स्नान या गंगा तट पर पिंडदान करने के समान ही फल इस व्रत से मिलता है।
 
• भगवान विष्णु की कृपा: यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Weekly Horoscope May 2025: साप्ताहिक राशिफल 12 से 18 मई, जानें किन राशियों को मिलेगा सितारों का साथ

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