Publish Date: Sat, 05 Jul 2025 (11:38 IST)
Updated Date: Sat, 05 Jul 2025 (13:01 IST)
प्रतिवर्ष मनाई जाने वाली आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी, हरिशयनी तथा पद्मा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसी दिन से भगवान विष्णु चार मास के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होने के कारण अगले चार महीनों तक विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन संस्कार जैसे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस बार देवशयनी एकादशी 6 जुलाई, दिन रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन श्रीहरि विष्णु के अलावा माता तुलसी की पूजा करने का भी लाभ मिलता है।
तुलसी पूजा
इस दिन तुलसीजी का भी उपवास रहता है। माता तुलसी एकादशी और रविवार को उपवास रखती है। इसीलिए इस दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करते हैं।माता तुलसी को रविवार और एकादशी के दिन किसी भी प्रकार से कुछ भी अर्पण नहीं करना चाहिए। सिर्फ दीपदान कर सकते हैं क्योंकि इस दिन मां तुलसी उपवास रखती हैं।
1. घी का दीपकर करें अर्पित : मां तुलसी के पास घी का दीपक प्रज्वलित करें। माता तुलसी इससे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देगी और उनके आशीर्वाद से आपके घर में माता लक्ष्मी का वास होगा।
2. सुहाग का सामान : मां तुलसी पर सुहाग का सामान भी अर्पित करते हैं। उन्हें चुनरी ओढ़ाएं और हल्दी, कंकू और गंध अर्पित करें।
3. भोग: तुलसी को फल, मिठाई या अन्य प्रसाद अर्पित करें और फिर इसे प्रसाद के रूप में वितरित करें.
यदि आप लक्ष्मी-नारायण जी की अपार कृपा प्राप्त करने की चाहत रखते हैं और अपने घर में धन-समृद्धि को बढ़ाने की सोच रहे हैं तो तुलसी के पौधे की अच्छे से देखभाल करें और उनकी नित्य पूजा करें। पूजा करते वक्त या कई चीज अर्पण करते वक्त 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः' मंत्र का जप जरूर करें।