Publish Date: Wed, 04 Jul 2018 (22:55 IST)
Updated Date: Thu, 05 Jul 2018 (17:44 IST)
मास्को। जिस तरह 1986 में अर्जेंटीना की विश्व कप जीत में डिएगो मैराडोना का ‘खुदा का हाथ’ वाला गोल चर्चित रहा था, उसी तरह इन दिनों विश्व कप के दौरान रूस में यह लतीफा मशहूर हो गया है कि गोलकीपर इगोर आकिनफीव के पास ‘खुदा के पैर’ हैं।
विश्व कप में रूस के प्रदर्शन को देखते हुए यह तुलना बेमानी नहीं लगती। आकिनफीव ने स्पेन के खिलाफ दो पेनल्टी बचाकर 2010 के चैंपियन को टूर्नामेंट से बाहर किया और रूस को 1970 के बाद पहली बार अंतिम आठ में पहुंचाया। बचपन के कोच पावेल कोवाल ने कहा कि आकिनफीव खुद भगवान हैं।
वह स्पेन के गोलकीपर से बेहतर था। उन्होंने कहा कि रूसी फुटबॉल में मैने तीन महान युग देखे हैं। याशिन का दौर था, दासायेव का दौर था और अब आकिनफीव का दौर है। उन्होंने कहा कि वह 15 बरस से रूस के लिये खेल रहा है और आने वाली कई नस्लें उसे लंबे समय तक याद रखेंगी। (भाषा)