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अगर ये 5 बातें आईं दोस्ती के बीच, तो गहरी से गहरी फ्रेंडशिप में पड़ जाएगी दरार

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दोस्ती का रिश्ता सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी नई या बरसों पुरानी दोस्ती हमेशा कायम रहे तो आपको इन बातों को भूलकर भी अपनी दोस्ती के बीच में नहीं आने देना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं 5 ऐसी बातें जो अगर फ्रेंडशिप के बीच आई तो गहरी से गहरी से दोस्ती में दरार पड़ते देर नहीं लगती है। 
 
1. अपनी दोस्ती को आर्थिक मामलों से दूर रखें :
 
पैसों के लेन-देन के कारण किसी भी रिश्ते में दरार आना आम बात है। फिर दोस्ती जैसा कोमल रिश्ता इससे कैसे बच सकता है। आर्थि‍क मामले दोस्तों के बीच गलतफैमी पैदा कर सकते हैं। इससे दोस्तों के बीच सामान्य तालमेल और सहजता खत्म-सी हो जाती है, और रिश्ते बिगड़ने लगते हैं। अगर किसी इमर्जेन्सी में आपने दोस्त से पैसे उधार लिए हों, तो समय पर उसे लौटा दें। कोशीश करें की दोस्त को पैसे वापस मांगने की नौबत ही न आए और आप उससे पहले ही उसके पैसे उसे लौटा दें। हिसाब-किताब हमेशा साफ रखें। जहां तक खर्च करने का सवाल है, तो आप बारी-बारी से एक दूसरे पर या ग्रुप में पैसा खर्च करते रहें, ताकि किसी पर बोझ न पड़े और रिश्ते सामान्य बने रहें।

 
2. प्रोफेशनल मामले और दोस्ती को अलग-अलग रखें:
 
यह समस्या तब आती है, जब दो दोस्त एक ही प्रोफेशन में हों या एक ही स्थान पर काम करते हों। ऐसे में आगे बढ़ने की इच्छा, प्रति‍स्पर्धा की भावना होना स्वाभाविक है। लेकिन यह भावना दोस्तों के बीच ईर्ष्या को जन्म दे सकती है, जिससे दोस्ती में दरार आने की संभावना बढ़ जाती है।
 
ऐसी स्थिति में कोशिश करें, कि पर्सनल और प्रोफेशनल लाईफ को अलग रखें। एक दूसरे से कुछ छुपाने की कोशि‍श न करें, और हर बात साफ करें। ऑफिस की बातों को वहीं तक सीमित रखें। यह बेहद अनुशासन के साथ होना चाहिए। वरना रिश्ता बिगड़ते देर नहीं लगेगी। हो सके तो एक ही स्थान पर काम करने से बचें।
 
3. एक-दूसरे पर इतना निर्भर न रहें कि बोझ बन जाए:
 
अक्सर हम अपने छोटे-छोटे काम दोस्त को बोलकर करवा लेते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें, कि हर काम के लिए दोस्तों पर निर्भरता ठीक नहीं है। ऐसा करने से आप दोस्त पर बोझ बन सकते हैं। शायद वह आपको यह बात नहीं कह पाए, लेकिन यह भावना आपके रिश्ते में दीमक की तरह कार्य करती है। हमेशा ध्यान रखें, कि दोस्तों पर निर्भरता की एक सीमा है। हो सकता है, कि उनकी निजी जिंदगी और काम आपके कारण प्रभावित हो रहे हों। इसीलि‍ए उस पर बोझ न बनें, कोशिश करें कि अपना कार्य स्वयं करें।

 
4. दोस्त के सीक्रेट्स किसी हाल में दूसरों को न बताएं:
 
कभी- कभी जानबूझकर, मस्ती में या परिस्थि‍तिवश हम अपने दोस्तों की पर्सनल बातों के दूसरों के सामने उजागर कर देते हैं, या फिर बगैर उसकी जानकारी के उसके विश्वास को तोड़ने वाला कोई कार्य कर देते हैं। यह बातें आगे चलकर दोस्ती में दरार पैदा कर देती है और कभी-कभी दोस्तों से उम्रभर की दूरी पैदा कर देती है। हमेशा अपने दोस्त का विश्वास कायम रखें। उसने अपना मानकर ही आप विश्वास किया है, इस बात का ध्यान रखें। अगर आपसे ऐसी कोई गलती हुई है, तो दोस्त से बिल्कुल न छुपाएं, और साफ तरीके से समझाएं। बाद में पता चलने पर गलतफैमी और ज्यादा बढ़ सकती है।
 
 
5. किसी भी वजह से दोस्त को ज्यादा समय तक अनदेखा न करेंं:
 
कई बार हम ग्रुप में या अन्य दोस्तों के कारण उन दोस्तों का अनदेखा कर देते हैं, जो आपसे दिल से जु़ड़े होते हैं। ऐसे में आपका अनदेखा करना, उनकर दिल दुखा सकता है। बार-बार ऐसा होने व दोस्त के मन में आपके प्रति गलतफैमी पैदा हो सकती है, जो रिश्ते में दरार का कारण बनती है। दोस्तों को कभी अनदेखा न करें। वे आपसे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, इसीलिए आपके दोस्त हैं। उनकी अहमियत को समझें, और गलती का एहसास होने पर उनसे माफी जरूर मांगें। कहीं ऐसा न हो कि, आप इस गलती को दोहराने के कारण एक अच्छा दोस्त खो दें।


 
 

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