Publish Date: Tue, 02 Sep 2025 (09:55 IST)
Updated Date: Tue, 02 Sep 2025 (09:49 IST)
lord ganesha worship: इन दिनों श्रीगणेश पूजा के खास दिन चल रहे हैं और इस समय भगवान श्रीगणेश की पूजा मध्यान्हकाल, अभिजीत मुहूर्त और प्रदोषकाल में की जाती है। आइए यहां जानते हैं गणेश उत्सव के आठवें दिन के पूजा के मुहूर्त, मंत्र और नैवेद्य के बारे में जानकारी...
ALSO READ: Ganesh Chaturthi 2025: श्री गणेश विसर्जन के पीछे की कहानी क्या है?
बुधवार, 03 सितंबर 2025 के पूजा मुहूर्त
1. दिन में 9 बजे से 12 बजे के के बीच।
2. शाम को 6:40 से रात 7:48 के बीच।
आज के मंत्र- बीज मंत्र- 'गं'
- गं क्षिप्रप्रसादनाय नम:
- 'ॐ गं नमः'
आठवां दिन- रवा मोदक
रवा मोदक, पारंपरिक चावल के आटे वाले मोदक की तुलना में बनाने में थोड़े आसान और खाने में बहुत स्वादिष्ट होते हैं। ये अंदर से मीठे और बाहर से कुरकुरे होते हैं, जो इन्हें एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। यहां गणेश उत्सव के अवसर पर रवा मोदक बनाने की एक सरल और पारंपरिक विधि दी गई है।
सामग्री
भरावन (फिलिंग) के लिए:
सूखा नारियल (कद्दूकस किया हुआ): 1 कप
गुड़ (कटा हुआ) या चीनी: 1/2 कप
इलायची पाउडर: 1/2 चम्मच
सूखे मेवे (काजू, बादाम, किशमिश): 2 बड़े चम्मच
खसखस: 1 चम्मच
ऊपरी परत (कवर) के लिए:
रवा/ सूजी: 1 कप
घी: 2 बड़े चम्मच
पानी: 1 कप
नमक: 1 चुटकी
तलने के लिए:
तेल या घी
बनाने की विधि
भरावन तैयार करें: एक कढ़ाई में थोड़ा सा घी गरम करें। सूखे मेवे और खसखस को हल्का भूनकर निकाल लें। अब उसी कढ़ाई में कद्दूकस किया हुआ नारियल और गुड़ (या चीनी) डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब गुड़ पिघल जाए और मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें भुने हुए मेवे और इलायची पाउडर मिलाकर आंच से उतार लें।
कवर तैयार करें: एक दूसरी कढ़ाई में पानी, 2 चम्मच घी और नमक डालकर उबालें। जब पानी उबलने लगे, तो इसमें धीरे-धीरे रवा (सूजी) डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह गाढ़ा होकर एक डो (आटे) जैसा न बन जाए। गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा होने दें।
मोदक बनाएं:
ठंडा होने पर, इस रवा के डो को अच्छी तरह से गूथकर चिकना कर लें।
अब इस डो से छोटी-छोटी लोइयां लें। इसे हथेली पर रखकर कटोरी का आकार दें और बीच में भरावन का मिश्रण भरें।
किनारों को मोदक के आकार में मोड़ते हुए ऊपर से बंद कर दें। आप मोदक बनाने वाले सांचे (mold) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
मोदक तलें: एक कढ़ाई में तेल या घी गरम करें। आंच को मध्यम रखें। मोदक को गरम तेल में डालकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
आपके स्वादिष्ट रवा मोदक तैयार हैं। इन्हें भगवान गणेश को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में परोसें।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
ALSO READ: Ganesh chaturthi 2025: गणेश विसर्जन कितने दिनों में कहां कब होता है?
About Writer
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।....
और पढ़ें