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गणेश उत्सव : 10 दिनों तक अर्पित करें 10 सामग्रियां, खुश होंगे गणपति

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अनिरुद्ध जोशी

भाद्रपद की चतुर्थी को 10 दिवसीय गणेश उत्सव का प्रारंभ होता जो अनंत चतुर्दशी तक चलता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 10 सितंबर 2021 से गणपति उत्सव प्रारंभ होगा जो 19 सितंबर तक चलेगा। 10 दिनी उत्सव में गणपतिजी को 10 दिन तक भिन्न-भिन्न प्रकार का भोग लगाया या प्रसाद अर्पित किया जाता है। आओ जानते हैं कि कौनसी प्रमुख 10 सामग्री उन्हें अर्पित की जा सकती है।
 
 
1. लड्डू : गणेशजी को मोदक के लड्डू बड़े प्रिय हैं। मोदक भी कई तरह के बनते हैं। जैसे उखड़ी के मोदक, नारियल और तील के मोदक आदि। इसके अलावा उन्हें मोतीचूर अर्थात बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू,  सूजी के लड्डू, गुड़ के लड्डू और राजगिरे के लड्डू भी अर्पित किए जाते हैं।
 
2. नारियल चावल : यह दक्षिण भारत में बनाया जाता है। नारियल के दूध या पानी में चावल को भिगोगर या नारियल के गुदे को चावल में मिलाकर पकाने से बनना है।
 
3. सतोरी या पुरण पोली : यह खोआ या मावा, घी, बेसन और दूध से बना एक महाराष्ट्रीय व्यंजन है। यह रोटी की तरह गोल होता है। पुराण पोली में चले की दाल में गुढ़ मिलाकर उसे मिसकर उसे रोटी में भरा जाता है। जैसे आलू का पराठा बनता है उसी तरह से यह पुरण पोली बनाई जाती है।
 
4. श्रीखंड : केसर मिला पीला श्रीखंड का भोग भी उन्हें लगाया जाता है। दही से बने इस मिष्ठान में किशमिश और चारोली मिलाकर इसके भोग लगाएं। श्रीखंड के अलावा आप पंचामृत या पंजरी का भी भोग लगा सकते हैं।
 
5. केले का शीरा : मैश किए हुए केले, सूजी और चीनी से बना शीरा सूची के हलवे की तरह होता है। यह भी गणेशजी का प्रिय भोजन माना जाता है। उन्हें केले का प्रसाद भी अति प्रिय है। केले का ये प्रसाद हाथी को भी खिलाना चाहिए।
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6. रवा पोंगल : इसे रवा अर्थात सूजी और मूंग के सात घी डालकर बनाया जाता है। इसमें किशमिशल काजू और बादाम डाला जाता है। इसे मूंग का हलवा ही मानें। इसके अलावा आपन चाहें तो सूजी के हलवे का भोग भी लगा सकते हैं।
 
7. पयसम : यह भी एक पारंपारिक दक्षिण भारतीय खीर है। इसे दूध और चीनी या गुड़ के साथ बनाया जाता है और फिर इसमें चावल या सेंवई मिलाई जाती है। अंतिम रूप से इलायची पाउडर, घी और अन्य ड्राई फ्रूट्स को इसमें परम स्वाद और गार्निशिंग के लिए डाला जाता है। आप चाहें तो राईस या साबूदाने की खीर भी बना सकते हैं।
 
8. शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं : उन्हें शुद्ध घी में देशी गुड़ मिलाकर उसका भी भोग लगते हैं। इसके अलावा आप चाहें तो भगवान गणेश को चतुर्थी के दिन आप छुआरे, परमल, नारियल और मिश्री का भोग भी लगा सकते हैं।
 
9. दुर्वा : गणेश जी को भोग के साथ दुर्वा भी चढ़ाई जाती है। उन्हें 21 गुड़ की ढेली के साथ दूर्वा चढ़ाने से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
 
10. शभी के पत्ते : गणेश जी को भोग के साथ शमी के पत्ते भी अर्पित किए जाते हैं। शमी भी गणेशजी को अत्यंत प्रिय है। शमी के कुछ पत्ते नियमित गणेश जी को अर्पित करें तो घर में धन एवं सुख की वृद्धि होती है। अगर आपके जीवन में बहुत परेशानियां हैं, तो आप गणेश चतुर्थी के दिन हाथी को हरा चारा खिलाएं।

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