Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अहमदाबाद के इसनपुर में 160 से अधिक अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, 26000 वर्ग मीटर जमीन कराई मुक्त

Advertiesment
अहमदाबाद इसनपुर बुलडोजर कार्रवाई
Ahmedabad Isanpur Bulldozer Action: अहमदाबाद शहर के पूर्वी इलाके में स्थित इसनपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। राज्य सरकार और नगर निगम (AMC) के स्वामित्व वाले तालाबों पर अवैध रूप से कब्जा करके रहने वाले लोगों को हटाकर तालाबों पर पुनः नियंत्रण पाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत दक्षिण जोन के लांभा वार्ड में स्थित मोनी होटल की गली के पास, सब्जी मंडी के नजदीक आंबा तालाब की जमीन को खाली कराने के लिए प्रशासन द्वारा मेगा डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) की प्रक्रिया शुरू की गई है।

आंबा तालाब की 26000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन की जाएगी खाली

नगर निगम के दक्षिण जोन के एस्टेट विभाग द्वारा आज 12 जून की सुबह से ही पांच से अधिक जेसीबी (JCB) और हिताची मशीनों के साथ इस डिमोलिशन की शुरुआत कर दी गई है। सालों से किए गए इन अवैध कब्जों को हटाकर प्रशासन द्वारा लगभग 26,000 वर्ग मीटर की विशाल सरकारी जमीन को खाली कराने की योजना है। इस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसनपुर और नारोल पुलिस स्टेशन के कड़े पुलिस बंदोबस्त की मदद ली गई है।

160 से अधिक कच्चे-पक्के मकानों और दुकानों पर चला बुलडोजर

आंबा तालाब की जमीन पर सालों से लोग अवैध मकान बनाकर रह रहे थे। नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, यहां कुल 160 से अधिक छोटे-बड़े अवैध निर्माण हो चुके थे, जिनमें 147 कच्चे-पक्के रिहायशी मकान और 14 कमर्शियल (व्यावसायिक) निर्माण शामिल हैं। इन सभी मकानों और दुकानों को तोड़ने से पहले नगर निगम द्वारा सभी निवासियों को नोटिस देकर समय पर जगह खाली करने के सख्त निर्देश दिए गए थे।

प्रभावित नागरिकों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था

जो नागरिक इस जगह पर सालों से रह रहे हैं, उनके पुनर्वास के लिए नगर निगम द्वारा विशेष योजना बनाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास वहां रहने के वैध दस्तावेज उपलब्ध होंगे, उनसे फॉर्म भरवाकर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सरकारी मकान आवंटित करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों को तुरंत आश्रय की आवश्यकता है, उनके लिए निगम द्वारा पास के रैन बसेरों (नाइट शेल्टर) में रहने की वैकल्पिक सुविधा भी तैयार की गई है।

तालाबों को गहरा करने की योजना और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित तालाबों की कीमती जमीनों से अतिक्रमण हटाकर इन जलाशयों को गहरा करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है, ताकि मानसून में पानी का सही संचयन हो सके। इस डिमोलिशन साइट पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड के स्टाफ को भी तैनात रखा गया है। इसके अलावा, किसानों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की योजना के लिए मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. विक्रांत पांडे और सचिव डॉ. अजय कुमार सहित नर्मदा निगम और जलापूर्ति विभाग के उच्च अधिकारी भी प्रशासनिक समन्वय पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को बड़ झटका, याचिका खारिज, उनके वकील सिंघवी ने बताया अन्‍याय