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आसाराम को बड़ा झटका, मोटेरा में अवैध कब्जे पर हाईकोर्ट सख्त, आश्रम पर चलेगा बुलडोजर

गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम आश्रम की याचिका खारिज करते हुए प्रशासन को मोटेरा गांव में साबरमती किनारे तालाब की जमीन पर बने 15 हजार वर्गमीटर अवैध निर्माण को हटाने की अनुमति दे दी है। फैसले से सरदार पटेल स

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

अहमदाबाद , शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2026 (08:53 IST)
Asaram news in hindi : गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम आश्रम की याचिका गुरुवार को खारिज कर प्रशासन को अवैध अतिक्रमण हटाने की मंजूरी दे दी। साबरमती नदी किनारे मोटेरा गांव के तालाब की जमीन पर बने आसाराम आश्रम के अवैध हिस्से को अब बुलडोजर से ढहाया जाएगा। आसाराम आश्रम ने 15 हजार वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण कर रखा है।
 
महानगरपालिका ने आश्रम के लिए करीब 33 हजार वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया था। आश्रम संचालकों ने साबरमती नदी के किनारा और मोटेरा गांव के तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर आश्रम के अलग-अलग कमरे भवन आदि का निर्माण कर लिया।
 
यह भूखंड नरेन्द्र मोदी स्टेडियम और निर्माणाधीन सरदार पटेल खेल परिसर से कुछ ही दूरी पर है। याचिका में सरकार द्वारा शहर के मोटेरा क्षेत्र में भूखंड को कब्जा मुक्त करने के प्रयास के खिलाफ आपत्ति जताई गई थी।
 
अदालत के इस फैसले से 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण का मार्ग प्रशस्त हुआ। सरदार पटेल स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स का विस्तार हो सकेगा। गुजरात सरकार व अहमदाबाद महानगरपालिका 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए प्रयासरत है।
 
याचिका के खिलाफ सरकारी वकील जीएच विर्क ने जस्टिस वैभवी नानवती की एकल पीठ को बताया कि यह यह अचानक की गई कार्रवाई नहीं है। आश्रम को नोटिस दिया व सुनवाई का पूरा मौका दिया गया। दशकों पहले यह जमीन सीमित धार्मिक उपयोग के लिए दी गई थी लेकिन, धीरे-धीरे अतिक्रमण करके आश्रम का विस्तार किया गया, इसे वैध नहीं ठहराया जा सकता।
 
विर्क ने कहा कि जमीन इस शर्त पर आवंटित की गई थी कि इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों और अनधिकृत निर्माण के लिए नहीं किया जाएगा और अनुमति संबंधी शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा। हालांकि निरीक्षण से पता चला कि आवंटित क्षेत्र से कहीं अधिक व्यापक निर्माण और कब्जा हो चुका है।
edited by : Nrapendra Gupta

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