गुरु पूर्णिमा 2020 : 14 महान गुरुओं के गुरु कौन थे, जानिए

भारत में वैदिक काल के पूर्व से ही गुरु-शिष्य परंपरा का प्रचलन रहा है। शास्त्रों के अनुसार संसार के प्रथम गुरु भगवान शिव को माना जाता है जिनके सप्तऋषि गण शिष्य थे। उसके बाद गुरुओं की परंपरा में भगवान दत्तात्रेय का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। शिवपुत्र कार्तिकेय को दत्तात्रेय ने अनेक विद्याएं दी थीं। भक्त प्रह्लाद को अनासक्ति-योग का उपदेश देकर उन्हें श्रेष्ठ राजा बनाने का श्रेय दत्तात्रेय को ही जाता है। इस तरह उनके कई हजारों शिष्य थे। आओ जानते हैं 14 महान गुरुओं के गुरुओं के नाम।
 
1. देवताओं के गुरु : सभी देवताओं के गुरु का नाम बृहस्पति हैं। बृहस्पति से पूर्व अंगिरा ऋषि देवताओं के गुरु थे। हर देवता किसी न किसी का गुरु रहा है। 
 
2. असुरों के गुरु : सभी असुरों के गुरु का नाम शुक्राचार्य हैं। शुक्राचार्य से पूर्व महर्षि भृगु असुरों के गुरु थे। कई महान असुर हुए हैं जो किसी न किसी के गुरु रहे हैं।
 
3. भगवान परशुराम के गुरु : भगवान परशुराम के गुरु स्वयं भगवान शिव और भगवान दत्तात्रेय थे।
 
4. भगवान राम के गुरु : भगवान राम के गुरु ऋषि वशिष्ठ और विश्वामित्र थे।
 
5. भगवान श्रीकृष्‍ण के गुरु: भगवान श्रीकृष्‍ण के गुरु थे गर्ग मुनि, सांदीपनि और वेद व्यास ऋषि।
 
6. एकलव्य, कौरव और पांडवों के गुरु : एकलव्य, कौरव और पांडवों के गुरु द्रोण थे।
 
7. भगवान बुद्ध के गुरु : गुरु विश्वामित्र, अलारा, कलम, उद्दाका रामापुत्त आदि बुद्ध के गुरु थे।
 
8. आचार्य चाणक्य के गुरु : चाणक्य के गुरु उनके पिता चणक थे। महान सम्राट चंद्रगुप्त के गुरु आचार्य चाणक्य थे।
 
9. आदिशंकराचार्य और लाहड़ी महाशय के गुरु : ऐसा कहा जाता है कि महावतार बाबा ने आदिशंकराचार्य को क्रिया योग की शिक्षा दी थी और बाद में उन्होंने संत कबीर को भी दीक्षा दी थी। इसके बाद प्रसिद्ध संत लाहिड़ी महाशय को उनका शिष्य बताया जाता है। इसका जिक्र लाहिड़ी महाशय के शिष्य स्वामी युत्तेश्वर गिरि के शिष्य परमहंस योगानंद ने अपनी किताब 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ योगी' (योगी की आत्मकथा, 1946) में किया है। हालांकि ज्ञात रूप से आदि शंकराजार्य के गुरु आचार्य गोविन्द भगवत्पाद थे।
 
10. गुरु गोरखनाथ के गुरु : नवनाथों के महान गुरु गोरखनाथ के गुरु  मत्स्येन्द्रनाथ (मछंदरनाथ) थे‍ जिन्हें 84 सिद्धों का गुरु माना जाता है।
 
12. रामकृष्ण परमहंस के गुरु : स्वामी विवेकानंद के गुरु महान संत रामकृष्‍ण परमहंस के गुरु महंत नागा बाबा तोतापुरी जी महाराज थे। तोतापुरी बाबा के कारण ही उन्हें सिद्धि और समाधी प्राप्त हुई थी।
 
13. शिरडी के सांई बाबा के गुरु : साईं ने अपनी गुरु की निशानियों को भी संभालकर रखा था। बाबा के गुरु की खड़ाऊं, उनकी चिलम और माला को बाबा के समाधि लेने के बाद आज भी संभाल कर रखा गया है। उनके पास एक ईंट भी थी जिसका संबंध उनके गुरु से ही था। उनके गुरु सेलु के वैंकुशा बाबा थे। ऐसा भी कहा जाता है कि लाहड़ी महाशय से भी उन्होंने शक्तियां प्राप्त की थी।
 
14. ओशो रजनीश के गुरु : महान गुरु और संत आचार्य ओशो रजनीश के तीन गुरु थे- मग्गाबाबा, पागल बाबा और मस्तो बाबा। इन तीनों की ही बदौलत चंद्रमोहन रजनीश ओशो बन पाए।

वेबदुनिया पर पढ़ें

अगला लेख गुरु पूर्णिमा 2020 : विशुद्ध प्रेम पर आधारित है गुरु-शिष्य की परंपरा, पढ़ें रोचक जानकारी