Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Hansens Disease: हैनसेन (कुष्ठ) रोग निवारण में क्या है आधुनिक दृष्टिकोण

Advertiesment
हमें फॉलो करें कुष्ठ रोग से संबंधित फोटो

WD Feature Desk

, शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 (10:59 IST)
Leprosy disease :कुष्ठ रोग, एक पुराना संक्रामक रोग है जो त्वचा, नर्वस सिस्टम और बाह्य अंगों को प्रभावित करता है। इसे Hansens disease के नाम से भी जाना जाता है, यह रोग Mycobacterium leprae बैक्टीरिया के कारण होता है, और इसकी पहचान अक्सर त्वचा पर धब्बे, सुन्नता और अंगों की विकृति से की जाती है। हालांकि, आज के चिकित्सा विकास ने इसे इलाज योग्य बना दिया है, लेकिन कुष्ठ रोग से जुड़ी पुरानी धारणाएं और सामाजिक भेदभाव अभी भी समस्या बने हुए हैं।
 
  1. कुष्ठ रोग के कारण सामाजिक भेदभाव
  2. कुष्ठ रोग के इलाज में आधुनिक दृष्टिकोण
  3. समाप्ति की दिशा में कदम
  4. कुष्ठ रोग-FAQ
  1.  

1. कुष्ठ रोग के कारण सामाजिक भेदभाव

 
कुष्ठ रोग एक पुराना सामाजिक कलंक बन चुका है, और इस वजह से कुष्ठ रोगियों को समाज में अक्सर भेदभाव और अलगाव का सामना करना पड़ता है। विशेषकर, पूर्वकाल में इस बीमारी को एक अभिशाप माना जाता था। महात्मा गांधी ने इस भेदभाव को समाप्त करने के लिए 'हरिजन' शब्द का इस्तेमाल किया और कुष्ठ रोगियों के लिए समान अधिकार की वकालत की।
 

2. कुष्ठ रोग के इलाज में आधुनिक दृष्टिकोण

 
आजकल, कुष्ठ रोग का इलाज संभव है, और भारत सरकार ने इसको समाप्त करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इन कार्यक्रमों में:
 
- कुष्ठ रोग पर जानकारी फैलाने के अभियान।
- चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रशिक्षण।
- कुष्ठ रोगियों को सामाजिक और मानसिक समर्थन प्रदान करना शामिल है।
 
भारत में, जहां कुष्ठ रोग के मामले अभी भी मौजूद हैं, 'कुष्ठ रोग निवारण कार्यक्रम' (Leprosy Eradication Programme) द्वारा इस पर काम किया जा रहा है।
 

3. समाप्ति की दिशा में कदम

 
कुष्ठ रोग निवारण दिवस (30 जनवरी): यह दिन विशेष रूप से कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और महात्मा गांधी के योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। कुष्ठ रोग के लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।

कुष्ठ रोग-FAQ

 
1. क्या कुष्ठ रोग वंशानुगत होता है?
उत्तर: नहीं। कुष्ठ रोग आनुवंशिक नहीं है, यह संक्रामक रोग है।
 
9. क्या कुष्ठ रोगियों को समाज से अलग रखना चाहिए?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह गलत धारणा है। इलाज कराने वाला मरीज सामान्य जीवन जी सकता है और समाज में पूरी तरह शामिल हो सकता है।
 
10. कुष्ठ रोग से बचाव कैसे करें?
 
उत्तर:
* शुरुआती लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क
* पूरा इलाज नियमित रूप से लेना
* स्वच्छता बनाए रखना
* जागरूकता फैलाना
 
11. कुष्ठ रोग निवारण दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर: भारत में 30 जनवरी को कुष्ठ रोग निवारण दिवस मनाया जाता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Health tips: स्वस्थ जीवन के लिए 10 सरल और असरदार उपाय
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Mahatma Gandhi Essay: सत्य और अहिंसा के पुजारी, महात्मा गांधी पर छोटा सरल निबंध