Publish Date: Fri, 24 Mar 2023 (14:46 IST)
Updated Date: Fri, 24 Mar 2023 (14:51 IST)
- ईशु शर्मा
आज की इस भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में बीमारियों का खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है और इन बीमारियों में कैंसर की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हाल ही में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को स्टेज 2 इन्वेसिव कैंसर(invasive cancer) का पता चला है। अगर आप भी ये सोच रहे हैं कि इन्वेसिव कैंसर क्या होता है और ये कितना खतरनाक है तो हम आपको इस आर्टिकल के ज़रिए पूरी जानकारी देंगे-
क्या होता है इन्वेसिव कैंसर?
इन्वेसिव कैंसर ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का प्रकार होता है और अधिकतर महिलाओं में इन्वेसिव ब्रेस्ट कैंसर से ही पीड़ित होती हैं। इन्वेसिव कैंसर महिलाओं के ब्रेस्ट टिश्यू (breast tissue) पर आक्रमण करता है और धीरे-धीरे ये हमारे पूरे शरीर में फैल जाता है।
इन्वेसिव ब्रेस्ट कैंसर के प्रकार : ये दो इन्वेसिव के प्रकार 90% ब्रेस्ट कैंसर का कारण होते हैं-
1. Invasive Ductal Carcinoma (IDC)- ये प्रकार सबसे सामान्य है और ये 80% ब्रेस्ट कैंसर का कारण होता है। ये कैंसर ब्रेस्ट में मिल्क डक्ट (milk duct) से शुरू होता है और वॉल्स (walls) को तोड़कर ब्रेस्ट के टिश्यू में आक्रमण करता है। ये कैंसर टूमओर के स्थान से शुरू होता है और धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है।
2. Invasive Lobular Carcinoma (LIC)- ये प्रकार ब्रेस्ट कैंसर का 10% कारण होता है। ये कैंसर महिलाओं के मिल्क ग्लैंड (milk gland) से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाता है। इस प्रकार के इन्वेसिव कैंसर के कारण महिलाओं के ब्रैस्ट पर गांठ नहीं होती बल्कि उनके ब्रैस्ट उमड़ना शुरू हो जाते हैं।
क्या हैं इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण :
- पीरियड्स आने के बाद ब्रेस्ट या अंडरआर्म के पास गांठ होना या उमड़ना।
- ब्रेस्ट के नाप या आकर में परिवर्तन आना।
- ब्रेस्ट के निप्पल में खून के या तरल के पदार्थ होना।
- स्तन या निप्पल पर त्वचा की अनुभूति या रूप में बदलाव जैसे डिंपल या सूजन होना।
- स्तन या निप्पल पर त्वचा का लाल होना।
- निप्पल के आकार या स्थिति में बदलाव
इस कैंसर की समस्या अधिकतर 30-60 वर्ष कि महिलाओं में ज़्यादा होती है और आप बिना डॉक्टर के चेकअप के इस कैंसर को नहीं पहचान सकते हैं।