Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

ठंड की बीमारियां और उनके उपचार

हमें फॉलो करें webdunia
गुरुवार, 2 दिसंबर 2021 (12:26 IST)
ठंड के दिनों में कई सारी बीमारियां आपको घेरने लगती है। जिसका एक कारण होता है आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना। इसलिए आप जल्‍दी फ्लू और बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। हालांकि बीमारी अधिक गंभीर हो इससे पहले सही उपचार मिलने से राहत भी मिल सकती है।  तो  आइए जानते हैं ठंड में होने वाली बीमारियां और उनके उपचार-


1 सर्दी, खांसी और खराश - ठंड के मौसम में सर्दी होना आम बात है, लेकिन इसका सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया तो यह खांसी, जुकाम और गले में खराश का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए ठंडी चीजों को खाने या पीने से परहेज करें और शरीर को साफ व ठीक तरीके से ढंककर रखें। गले की खराश में नमक के गरारे करना ही अच्छा विकल्प है।

2 सिर में दर्द - ठंड के कारण सिर में दर्द होना भी सामान्य बात है, लेकिन इससे बचने के लिए आपको ठंडी हवाओं से बचने की जरूरत होगी। इन दिनों में अपने सिर को किसी कपड़े, स्कार्फ या मफलर से ढक कर रखें ताकि ठंडी हवा न लगे और गर्माहट बनी रहे।

3 सांस की समस्या - सर्दी के दिनों में आम तौर पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती है लेकिन अस्थमा के रोगियों को इससे बहुत दिक्कत हो सकती है। ठंडी हवा या ठंडे स्थानों पर जाने से आपकी यह समस्या गंभीर हो सकती हैं। इससे बचने के तरीकों को ठीक से जान लें और दवा साथ रखें।

4 जोड़ों की समस्या - यह भी ठंड के दिनों में आम बात है लेकिन इससे बचने के लिए आपको मालिश और सही व्यायाम अपनाने की जरूरत होगी। साथ ही अपने खान-पान पर भी विशेष ध्यान रखना होगा।

5 ब्लड प्रेशर - सर्दी के दिनों में रक्तचाप अधिक होने से हृदय संबंधी तकलीफ भी हो सकती है। इसके लिए भी आपको व्यायाम और सही उपचार पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

6 सीने में दर्द - सर्दी के बढ़ने पर कफ या अन्य कारणों से सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। लेकिन अगर आपको खांसी भी हो रही है तो सीने में यह दर्द जलन भी दे सकता है साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। सीने में दर्द होने पर गर्म पानी पी सकते हैं। क्‍योंकि ठंड में गैस की समस्या भी होती है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Book Review : भोपाल गैस त्रासदी का मर्मांतक दस्तावेज है 'आधी रात का सच'