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World Arthritis Day - जानिए क्‍या होता है गठिया रोग, अंगुलियों के दर्द से होती है शुरुआत

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हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाता है। एक बार यह बीमारी होने पर समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी होता है। 30 से 35 साल की उम्र के बाद यह बीमारी होती है। गठिया की बीमारी बढ़ने के बाद यह अधिक तकलीफदेह हो जाती है। सामान्‍य काम करने में भी बहुत परेशानी आती है। यह बीमारी विश्व भर में महिलाओं में तेजी से बढ़ती है। आइए जानते हैं गठिया दिवस के 5 लक्षण, उपचार और अन्‍य जानकारी  -

क्‍यों और कब हुई इस दिवस को मनाने की शुरूआत

गठिया दिवस को मनाने का उद्देश्य है इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना। जोड़ों में या हड्डियों में दर्द होने पर डॉक्‍टर को दिखाएं। इस बीमारी से बचाव के लिए वैश्विक स्‍तर पर गतिविधियां की जाती है। इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने की जरूरत है। विश्‍व गठिया दिवस को मनाने की शुरूआत 12 अक्‍टूबर 1996 में हुई थी। इस दिवस को मानने की पहल गठिया और अर्थराइटस इंटरनेशनल द्वारा आयोजित किया गया था। इसके बाद से हर साल यह दिवस मनाया जा रहा है।

गठिया रोग के लक्षण -

- भूख नहीं लगना।
- शरीर में गांठ बनना।
- लगातार हल्का बुखार रहना।
- मुंह और आंखों में सूजन रहना।

गठिया रोग होने पर बरतें ये 5 सावधानियां -

- घुटनों में दर्द होने पर पालथी नहीं बनाएं।
- नियमित वॉक करें, व्यायाम करें, डॉक्टर की सलाह से मालिश करें।
- सीढ़ियां चढ़ते समय, घूमते-फिरने के दौरान छड़ी का प्रयोग करें।
- बारिश और ठंड में गुनगुने पानी से नहाएं।
- ठंडी हवा, ठंडी नमी वाली जगह पर नहीं जाएं।

6 तरह के गठिया होते हैं उंगलियों से असर होता है -

-  रूमेटॉयड सोराइटिक
- ओस्टियो सोराइसिस
- पोलिमायलगिया रूमेटिका
- एनकायलाजिंग स्पोंडिलाइटिस
- रिएक्टिव
- गाउट  

गठिया शरीर के किसी भी हिस्से से हो सकता है। इसकी मुख्य वजह है जोड़ों में यूरिक एसिड जमा होने लगता है। और वह धीरे-धीरे गठिया का रूप लेने लगता है। यूरिक एसिड की मुख्‍य वजह है गलत खानपान और जीवनशैली। जिसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। 
 
क्‍या नहीं खाना चाहिए -

गठिया से जोड़ों और हड्डियों में असहनीय दर्द होता है। इसलिए खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है। गठिया रोग होने पर -

- ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। दही, खट्टी और ठंडी छाछ का सेवन जरा भी नहीं करें। आइस्‍क्रीम, कुल्फी का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
- अधिक प्रोटीन युक्त चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- पैकेज्‍ड फूड, डीप फ्राय आइटम जरा भी नहीं खाएं।
- अखरोट सेवन के लिए अच्छा होता है लेकिन गठिया होने पर इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

दर्द से राहत के लिए क्‍या खाएं -

- हल्दी का सेवन कर सकते हैं। रोज सुबह दूध के साथ 1/4 चम्मच लें।  
- ब्रोकली और पत्ता गोभी का सेवन जरूर करें। यह जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। नियमित रूप से ब्रोकली और पत्ता गोभी का सेवन करना चाहिए।
- लहसुन का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे शरीर में गर्मी बनी रहती है। जिससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
- विटामिन सी की मात्रा बढ़ाएं। जी हां, इससे जोड़ों के दर्द में थोड़ा आराम मिलता है। इसमें में कीवी, संतरे और स्ट्रॉबेरी का सेवन कर सकते हैं।

 

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