Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

अटपटी इंदौरी शायरी : सूरत हुई अपनी जैसे बिगेर प्याज के पोए...

webdunia
इंदौरी शायरी
 
वो मेरे दिल में भराए इस तरा...
पोए में सेंव भराती जिस तरा...
 
उतर आये हमारे दिल में कुछ ऐसे वो...
उतरती कचोरी में चटनी जिस तरा...
 
कुछ दिन पहले उनकी याद में इस कदर अपन रोये...
सूरत हुई अपनी जैसे बिगेर प्याज के पोए...
 
आने से उनके चमके अपन कुछ ऐसे...
चमकते जोशी जी के दही बड़े जिस तरा...
 
मेरे प्रपोजल पे तुम हओ तो के दो...
करते हो हमसे लव तो के दो...
 
वर्ना इश्क में तेरे टूट जाऐंगे हम जालिम...
टूटे सराफे की चाट में पपड़ी जिस तरा...
 
हां बोल दे तू तो छप्पन पे आऊंगा..
तेरा मनपसंद पलासिया पे घर बनवाऊंगा..
 
तेरी 'नी' से हो जाऊंगा बरबाद में...
हुआ बर्बाद LIG का राज टावर जिस तरा..
 
उमर भर तेरे ही गीत गाऊंगा...
छोड़ इंदौर कईं नी जाऊंगा...
 
कसम तेरको पोए जलेबी की, 
तू हओ केदे वर्ना...
वैन के पीछे 'रीगल से टेसन-टेसन' चिल्लाऊंगा..
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सोनू सूद ने दुकानदार को दिया सरप्राइज, इस तरह किया दुकान का प्रचार...