Publish Date: Sun, 10 Dec 2017 (19:31 IST)
Updated Date: Sun, 10 Dec 2017 (19:32 IST)
घाटी को आतंक से मुक्त कराती,
भारतीय सेना को सलाम।
गुमराह युवकों को मुख्यधारा में लौटाती,
भारतीय सेना को सलाम।।
अविश्वासों का बर्फ पिघलाती,
भारतीय सेना को सलाम।
कश्मीरी जीवन की हरियाली लौटाती
भारतीय सेना को सलाम ।।1।।
दो सौ से अधिक दानवी आहुतियां
दी हैं सेना ने इस यज्ञ में।
अनेकानेक शहीदी आहुतियां भी
दी हैं सेना ने इस यज्ञ में।।
निर्लज्ज पड़ोसियों को चौंधा रहा है
इस यज्ञ में उठता धुआं,
उच्चतम संकल्पों की मिसाल कायम
की है सेना ने इस यज्ञ में।।2।।
शक नहीं कि बौखलाए दुश्मनों का
अंदर तक हौसला पस्त हुआ।
स्वघोषित खूंखार कमांडरों की मौतों से
आतंकवादी नेटवर्क ध्वस्त हुआ ।।3।।
शासन की धाकड़ नीति के साथ,
डोभाल-डोकलाम की युति से,
देश के गौरव सुरक्षा कर्मियों के
मनोबल में उछाल जबरजस्त हुआ ।।4।।
कॉम्बेट कॉलेज की स्ट्रेटेजिक शिक्षा की
जमीनी मिसाल जगमगाते हुए
महू की माटी के कणों का भी गौरव बढ़ाती,
भारतीय सेना को सलाम ।।5।।
About Writer
डॉ. रामकृष्ण सिंगी
डॉ. रामकृष्ण सिंगी ने मध्यप्रदेश के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में 40 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया तथा 25 वर्षों तक वे स्नातकोत्तर वाणिज्य विभागाध्यक्ष व उप प्राचार्य रहे। महू में डॉ. सिंगी का निवास 1194 भगतसिंह मार्ग पर है। डॉ. सिंगी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर (मप्र) के वाणिज्य संकाय....
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