Publish Date: Sat, 29 Apr 2023 (12:34 IST)
Updated Date: Sat, 29 Apr 2023 (12:43 IST)
Hinduism Astroligy: हिन्दू धर्म में कुछ पशु और पक्षियों को बहुत ही शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार इन्हें अन्न और जल देने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। प्रत्येक हिन्दू घर में जब भोजन बनता है तो पहली रोटी गाय के लिए और अंतिम रोटी कुत्ते के लिए होती है। भोजन करने के पूर्व अग्नि को उसका कुछ भाग अर्पित किया जाता है जिसे अग्निहोत्र कर्म कहते हैं।
प्रत्येक हिन्दू को भोजन करते वक्त थाली में से 3 ग्रास (कोल) निकालकर अलग रखना होता है। यह तीन कोल ब्रह्मा, विष्णु और महेश के लिए या मन कथन के अनुसार गाय, कौए और कुत्ते के लिए भी रखा जा सकता है।
1. गाय : गाय को पत्ते पर भोजन परोसकर जल देने से भाग्य जागृत होता है। गाय में सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है, जो भाग्य को जागृत करने की क्षमता रखती है। गाय को अन्न और जल देने से सभी तरह के संकट दूर होकर घर में सुख, शांति और समृद्धि के द्वारा खुल जाते हैं। प्रतिदिन गाय को रोटी खिलाने गुरु और शुक्र बलवान होता और धन-समृद्धि बढ़ती है।
2. कुत्ता : कुत्त को पत्ते पर भोजन परोसकर जल पिलाने से भैरव महाराज प्रसन्न होते हैं और हर तरह के आकस्मिक संकटों से वे भक्त की रक्षा करते हैं। कुत्ता आपकी राहु, केतु के बुरे प्रभाव और यमदूत, भूत प्रेत आदि से रक्षा करता है। कुत्ते को प्रतिदिन भोजन देने से जहां दुश्मनों का भय मिट जाता है वहीं व्यक्ति निडर हो जाता है। ज्योतिषी के अनुसार केतु का प्रतीक है कुत्ता। कुत्ता पालने या कुत्ते की सेवा करने से केतु का अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है। पितृ पक्ष में कुत्तों को मीठी रोटी खिलानी चाहिए।
3. कौवा : कौए के लिए छत या भूमि पर भोजन परोसकर सकोरे में उसके लिए जल रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कौआ को यमदूत, पितर और देवपुत्र भी माना गया है। कौए को भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पहले से ही आभास हो जाता है। कहते हैं कि यदि कौआ आपका भोजन ग्रहण कर ले तो समझो आपके पितर आपसे प्रसन्न और तृप्त हैं और यदि नहीं करें तो समझो कि आपके पितर आपसे नाराज और अतृप्त हैं।
4. चींटी : चींटियों के लिए पत्ते पर भोजन परोसा जाता। उनके बिल हों, वहां चूरा कर भोजन डाला जाता है। इससे सभी तरह के संकट मिट जाते हैं और घर परिवार में सुख एवं समृद्धि आती है।
5. देवता : देवबलि अर्थात पत्ते पर देवी देवतों और पितरों को भोजन परोसा जाता है। बाद में इसे उठाकर घर से बाहर उचित स्थान रख दिया जाता है।
6. पक्षी : पक्षियों को जल अर्पित करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और साथ ही हमारे जीवन के संकट मिट जाते हैं। नियमित जल पिलाने से भाग्य जागृत हो जाते हैं और किसी कार्य में आ रही रुकावट दूर होती है। हर कार्य आसानी से होने लगते हैं।